(रँगेश सिंह)सोनभद्र : ज़िले के ओबरा में बन रहे 1320 मेगावाट बिजली परियोजना में उस वक्त हड़कंप मंच गया जब अपने चार महिने के वेतन भुगतान को लेकर मजदूरों ने काम ठप कर दिया। काम ठप होने से अधिकारियों के हाथ पाव फूल गए। मज़दूरों ने काम बंद कर ओबरा एसडीएम कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके बाद तत्काल ओबरा एसडीएम द्वारा दुसान कम्पनी के अधिकारियों को बुलाकर वार्ता किया और जल्द वेतन भुगतान करने के आदेश दिए वेतन भुगतान जल्द नही होता तो अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बता दें कि उप जिलाधिकारी तहसील की अध्यक्षता में ग्राम सेवा समिति के अध्यक्ष शिवदत्त दुबे, एडवोकेट उमेश चंद शुक्ला एवं टीएमसी के सुपरवाइजर कौशल तथा प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी एवं टीएमसी कंपनी के कर्मचारियों के समक्ष एक बैठक की गई। एसडीएम और श्रम अधिकारी ने आदेश देते हुए कहा कि मजदूरों का जितना बकाया वेतन होगा उसको टीएमसी कंपनी को देना पड़ेगा।
मामले में शिवेंद्र प्रताप सिंह श्रम प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया अभी टीएमवी कम्पनी के अधिकारियों को शक्त निर्देश दिया गया है की 15 तक सभी मज़दूरों का वेतन भुगतान कर दें नही तो टीएमसी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
वही मामले में सामाजिक कार्यकर्ता शिव दत्त दुबे ने बताया की टीएमसी कम्पनी द्वारा पीछले चार माह का वेतन मजदूरों को नही दिया जा रहा है जिससे आज मजदूर आंदोलित हैं। सामने त्यौहार है ऐसे में मजदूर बुखमरी के कगार पर है। कम्पनी द्बारा फर्जी बात कही जा रही है की मजदूरों का डायरी पर हस्ताक्षर मैच नही कर रहा है। उनके अधिकारी अपने सामने ही सभी मज़दूरों का साइन करवाते हैं। इस बात से नाराज प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी और एसडीएम ने काफी डांट फटकार लगाई और कहा कि क्या मजदूर अपने से हाजिरी कार्ड भरेगा।
वही उमेश चंद्र शुक्ला एडवोकेट का कहना था की अभी हमें श्रम विभाग अधिकारी द्वारा आश्वासन मिला है यदि मामले में कोई कार्रवाई उचित ढंग से नहीं हुई और मजदूरों के साथ अन्याय हुआ तो एक बड़े आंदोलन के लिए मजदूर तैयार रहेंगे। जब से दुसान कंपनी ने यहां पर काम लिया है तब से मजदूरों के साथ लगातार शोषण होता चला रहा है गरीब मजदूर दर-दर भटकने को मजबूर है उनके साथ हम सभी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

