11 वर्षों का मनमुटाव खत्म, ‘राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान’ से फिर बसा उजड़ा चमन

सोनभद्र। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद में चल रहे “राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान” को एक बड़ी सफलता मिली है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के प्रयासों से 11 वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच के विवाद को सुलझाकर उन्हें पुनः एक साथ रहने के लिए राजी कर लिया गया।

वर्षों पुराने मामले का हुआ सुखद अंत

मामला वर्ष 2018 में महिला थाना सोनभद्र में पंजीकृत घरेलू हिंसा (राज्य बनाम मो0 इमरान) से संबंधित था। इनके बीच वैवाहिक मतभेद वर्ष 2015 से ही चले आ रहे थे। न्यायालय सिविल जज जू0डि0/एफ0टी0सी0 (सी0ए0डब्लू0) द्वारा सुलह वार्ता हेतु इस पत्रावली को 07 अप्रैल 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ए0डी0आर0 भवन में संचालित मध्यस्थता केन्द्र भेजा गया था।

मध्यस्थता से मिली नई राह

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज सी0डि0, श्री राहुल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में मध्यस्थ अधिवक्ता श्री सोहनलाल को नियुक्त किया। मध्यस्थ अधिवक्ता की कुशलता और प्राधिकरण के सौहार्दपूर्ण दृष्टिकोण के कारण दोनों पक्षों के बीच जमी बर्फ पिघली। सुलह वार्ता कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने अपने पुराने मतभेदों को भुला दिया। निर्णय दम्पत्ति बिना किसी बाहरी दबाव के, अपनी स्वेच्छा से एक बार फिर साथ रहने को तैयार हो गए।

आम जनमानस के लिए अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सूचित किया है कि 01 जनवरी 2026 से संचालित इस राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का उद्देश्य मुकदमों के बोझ को कम करना और परिवारों को टूटने से बचाना है।”आम नागरिक अपने लंबित मामलों के निस्तारण हेतु संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का निस्तारण न केवल त्वरित होता है, बल्कि इससे दोनों पक्षों के बीच प्रेम और भाईचारा भी बना रहता है।

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