वितरण संबंधी शिकायतों को लेकर डीएम सख्त
सोनभद्र। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सरकार के निर्देश पर जनपद सोनभद्र की सहकारी समितियों और अधिकृत खाद केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण कराया गया है, ताकि धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से खेती-किसानी को हर स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सभी सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं पर नियमित निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि खरीफ फसल के लिए जनपद में यूरिया का कुल 11156 व फास्फेटिक का कुल 5697 मीट्रिक टन वितरण का लक्ष्य है। जबकि जुलाई माह में 3459 मीट्रिक टन यूरिया व 2894 मीट्रिक टन फास्फेटिक का वितरण करने का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 3315 मीट्रिक टन यूरिया व 3605 मीट्रिक टन फास्फेटिक का वितरण किया जा चुका है। बिक्री केंद्रों में 1168 मीट्रिक टन यूरिया व 1553 मीट्रिक टन फास्फेटिक का स्टाक है जबकि 4563 मीट्रिक टन यूरिया व 1535 मीट्रिक टन फास्फेटिक का बफर स्टॉक पीसीएफ है। उन्होंने बताया कि खाद वितरण के दौरान कुछ स्थानों पर तकनीकी खामी की सूचना मिली थी, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वितरण व्यवस्था को सुचारु एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
अधिकारी समितियों का नियमित करें निरीक्षण
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रेताओं पर नियमित निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद का वितरण निर्धारित नियमों के अनुसार हो। यदि कहीं कृत्रिम अभाव पैदा करने, कालाबाजारी या ओवररेटिंग की शिकायत मिलती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार निकटतम सहकारी समिति या अधिकृत खाद केंद्र से ही उर्वरक प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है खरीफ सीजन के दौरान खाद की किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

