सोनभद्र : में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन शुद्धि के तहत करमा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो कारों से 118 किलो 670 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। गांजा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्सयूवी-500 और ब्रेजा कार, पांच मोबाइल फोन और 8 हजार 280 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामदगी समेत कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 95 लाख रुपये है। आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर मीरजापुर पहुंचाने जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार कल देर रात करमा थाना क्षेत्र में करमा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ग्राम करनवाह जाने वाले तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिन्दुआरी की तरफ से आ रही दो कारों के चालकों ने पुलिस को देखकर अचानक वाहन मोड़कर वापस जाने की कोशिश की। संदेह होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दोनों वाहनों को रोक लिया।
पुलिस ने दोनों कारों में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिन्द्रा एक्सयूवी-500 के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे और मारुति सुजुकी ब्रेजा के पिछले तथा बीच वाले हिस्से में टेप से लिपटे छोटे-छोटे पैकेट मिले। जांच करने पर इन पैकेटों से कुल 118 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों कारों के साथ पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8 हजार 280 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओडिशा के सुंदरगढ़ जनपद निवासी विश्वजीत बारिक उर्फ कानू, रविन्द्र नायक और मोहम्मद दानिश आलम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा से गांजा लेकर मीरजापुर में बताए गए लोगों तक पहुंचाने जा रहे थे। इसके बदले प्रत्येक आरोपी को 15 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। पुलिस अब गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति, संभावित खरीदारों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजे की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।

