अरुण पांडेय
चार वर्ष पहले बभनी के करमहल टोला में टूटा था ट्रांसफार्मर लगा पोल।
टार्च व बैट्री की इमर्जेंसी लाईट के सहारे रहने को मजबूर आदिवासी
बभनी। विकास खंड से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर करमहल टोला है जहां दर्जनों घरों में जनजातीय समुदाय निवास करता है प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगा ट्रांसफार्मर लगभग चार वर्ष पहले जल चुका था जिस बात को लेकर उस मोहल्ले के निवासी विजय शंकर मनोहर बासदेव रामपास समेत अन्य लोगों ने बताया कि बिजली विभाग के जेई व लाईनमैनों से अपनी बात कहते रहे लेकिन उन लोगों के द्वारा केवल आश्वासन देकर चले जाते थे तीन साल बाद जब उन्हें लगा कि हमारी उम्मीद पूरी नहीं हो सकती तब पत्रकारों को जानकारी दिए जिस मामले की खबर प्रकाशन भी की गई जिस बात को भी गंभीरता से न लेते हुए बिजली विभाग के आलाअधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और तीन माह बाद भी स्थानीय लोगों ने फोन के माध्यम से बताया कि वहां ट्रांसफार्मर आज भी नहीं लग सका जनजातीय समुदाय के हित में काम करने वाली सूबे की योगी सरकार के रसूखदार अधिकारियों के द्वारा इनकी आवाजों को दबा दिया जाता है इसके अतिरिक्त लोगों ने यह भी बताया कि मोहल्ले में बिजली पानी सड़क स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
बोले जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि
जब इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि डॉ व्यास चंद्र विश्वकर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाह रवैया जगह-जगह देखने को मिलती है इतना ही नहीं बल्कि यदि देखा जाए बभनी क्षेत्र में दर्जनों से भी ज्यादा ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़े हैं आवाज उठाए जाने के बाद भी इनपर कोई असर नहीं पड़ता इनके द्वारा बहाने बना दिए जाते हैं लेकिन सूबे की योगी सरकार में इस तरह के लापरवाह अधिकारियों की तत्काल जांच कराकर कार्यवाही होनी चाहिए।
अवर अभियंता ने कहा
इस संबंध में जब विद्युत विभाग के अवर अभियंता महेश प्रसाद से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला अबतक मेरे संज्ञान में आया ही नहीं पता करके इसे तत्काल सही कराया जाएगा।

