सोनभद्र: “लड़कर मरना मंजूर, पर जमीन नहीं देंगे”, भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों की हुंकार, बुलाई महापंचायत

सोनभद्र (करमा)। जनपद के करमा ब्लॉक अंतर्गत लोहरा ग्राम सभा के गुलरहवा बस्ती में रविवार को किसानों का बड़ा सैलाब उमड़ पड़ा। प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में लोहरा, तकिया और बट गांव के किसानों ने ‘महापंचायत’ कर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर पूंजीपतियों के हाथों में नहीं जाने देंगे।
एकजुट हुए किसान और राजनीतिक दल
इस महापंचायत की खास बात यह रही कि इसमें केवल प्रभावित किसान ही नहीं, बल्कि भारतीय किसान यूनियन, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और सभी राजनीतिक दलों के स्थानीय कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए। सभी ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि इस अधिग्रहण को रोकने के लिए सड़क से लेकर विधानसभा और जरूरत पड़ी तो अदालतों तक कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। “बिना सहमति कैसे हुआ फैसला?” – किसानों का तीखा सवाल महापंचायत में मौजूद किसानों ने जिला प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या किसानों की सहमति के अधिग्रहण का प्रपोजल तैयार कर लिया।
सरकारी नुमाइंदे ‘लोक सेवक’ के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं।
किसान अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं।
चेतावनी: आंदोलन को धार देने की रणनीति तैयार
किसानों ने सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया, तो जिला मुख्यालय पर बड़ा घेराव किया जाएगा। महापंचायत में यह तय किया गया कि आगे की रणनीति के तहत गांव-गांव जाकर जनसंपर्क तेज किया जाएगा और धरना-प्रदर्शन को और उग्र बनाया जाएगा। किसानों का संकल्प: “हमें लड़कर मरना कबूल है, लेकिन हम अपनी माटी का सौदा नहीं होने देंगे।”

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