सोनभद्र: विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने मीरजापुर संप्रेक्षण गृह का किया निरीक्षण, जेल में सजी लोक अदालत

सोनभद्र (ब्यूरो): माननीय उच्च न्यायालय और जनपद न्यायाधीश श्री राम सुलीन सिंह के निर्देशानुसार सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र की टीम ने विभिन्न विधिक गतिविधियों और निरीक्षण कार्यों को अंजाम दिया। टीम ने जहाँ मीरजापुर स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का जायजा लिया, वहीं जिला कारागार सोनभद्र में मासिक जेल लोक अदालत का आयोजन भी किया गया।
संप्रेक्षण गृह में किशोरों के कौशल विकास पर जोर
जनपद सोनभद्र में अपना संप्रेक्षण गृह न होने के कारण यहाँ के किशोरों को मीरजापुर स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में रखा जाता है। सोमवार को अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री अमितवीर सिंह, प्राधिकरण के सचिव श्री राहुल और किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती इन्दू वर्मा ने वहाँ का निरीक्षण किया। आवासित किशोर: केंद्र में कुल 49 किशोर हैं, जिनमें से 15 सोनभद्र जिले के हैं। सुविधाओं का जायजा: टीम ने बच्चों से उनके केस की प्रगति, स्वास्थ्य और भोजन के बारे में पूछताछ की। बच्चों ने मीनू के अनुसार भोजन मिलने और किसी प्रकार की असुविधा न होने की बात कही। जागरूकता शिविर: इस दौरान बच्चों को ‘शिक्षा का अधिकार’, ‘नशा उन्मूलन’ और कौशल विकास योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। प्रभारी सहायक अधीक्षक विजय कुमार राय को नियमित साफ-सफाई और मनोरंजन के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।


जेल लोक अदालत: 06 मामलों का हुआ निस्तारण
इसी क्रम में जिला कारागार सोनभद्र में सिविल जज (सी.डी.) श्री अमित कुमार-III द्वारा मासिक जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत में त्वरित न्याय प्रक्रिया के तहत कुल 10 मामले चिन्हित किए गए थे।
इनमें से 06 मामलों में 03 अभियुक्तों ने जुर्म स्वीकार किया, जिसके आधार पर मौके पर ही मामलों का निस्तारण कर उन्हें राहत प्रदान की गई। इस दौरान जेल अधीक्षक श्री अरुण कुमार मिश्र सहित जेल प्रशासन और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य उपस्थित रहे। प्राधिकरण के सचिव श्री राहुल ने बताया कि विधिक सेवाओं को सुलभ बनाने और बंदियों व किशोरों के अधिकारों के संरक्षण हेतु इस प्रकार के अभियान निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।

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