सोनभद्र : उत्तर प्रदेश शासन की अपराध मुक्त नीति और OperationConviction के तहत सोनभद्र पुलिस को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। जनपद के घोरावल थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में प्रभावी पैरवी के चलते माननीय सत्र न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
यह मामला वर्ष 2022 का है (मु0अ0सं0 164/2022), जिसमें अभियुक्तों पर गैर-इरादतन हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप थे। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने इस मामले को प्राथमिकता पर रखते हुए न्यायालय में सशक्त साक्ष्य और गवाह पेश किए।
सजा पाने वाले अभियुक्त
न्यायालय ने निम्नलिखित अभियुक्तों को दोषी पाया:
रामलखन उर्फ रवि उर्फ बाटे (पुत्र पुदिन हरिजन)
कृष्णावती (पत्नी रामलखन)
निवासी: महुआंव पाण्डेय, थाना घोरावल, जनपद सोनभद्र।
न्यायालय द्वारा सुनाया गया फैसला
माननीय सत्र न्यायाधीश, सोनभद्र द्वारा पारित आदेश के अनुसार सजा का विवरण इस प्रकार है: धारा सजा का विवरण अर्थदण्ड (जुर्माना) 304 IPC (सहपठित 34) 10-10 वर्ष का कठोर कारावास ₹10,000/- प्रत्येक 201 IPC (सहपठित 34) 03-03 वर्ष का कारावास ₹2,000/- प्रत्येक विशेष टिप्पणी: न्यायालय ने आदेश दिया है कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदण्ड न देने की स्थिति में अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को मुख्य सजा में समायोजित किया जाएगा।
सराहनीय प्रयास
इस सफलता के पीछे थाना घोरावल पुलिस, जिला अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल की अहम भूमिका रही। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश और उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के कारण ही इतने कम समय में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जा सका है।
“सोनभद्र पुलिस अपराधियों के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रही है। प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।”

