(ऋषभ सिंह)सोनभद्र: जनपद में खतौनी में अंश निर्धारण (Share Determination) की प्रविष्टियां कंप्यूटर पर फीड न होने के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस तकनीकी बाधा के चलते किसान अपना ‘फार्मर रजिस्ट्रेशन’ नहीं करा पा रहे हैं, जिससे उन्हें खाद और बीज प्राप्त करने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अशोक मिश्र ने प्रशासन का ध्यान खींचा:
अशोक मिश्र ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) रॉबर्ट्सगंज से फोन पर वार्ता की और किसानों की पीड़ा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर प्रणाली में जानकारी अपडेट न होने के कारण किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि आदानों (खाद-बीज) के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है।
SDM का आश्वासन: जल्द दूर होगी समस्या:
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों के खातों का अंश निर्धारण पहले ही हो चुका है, उनकी प्रविष्टियां तत्काल कंप्यूटर सिस्टम में फीड की जाए
- जिन मामलों में लेखपाल द्वारा अंश निर्धारण की रिपोर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर को सौंप दी गई है, उन्हें बिना किसी देरी के दर्ज किया जाए।
किसानों को खाद-बीज मिलने में नहीं होगी देरी:
उपजिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए खाद और बीज समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने आश्वस्त किया कि फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाई जाएगी ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।
प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग:
ऋषभ सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तहसील स्तर के अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए जाएं। उन्होंने आग्रह किया है कि अंश निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए ताकि कृषि कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

