सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं माननीय जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीडी) राहुल ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर तथा समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रबंधक दीपिका सिंह उपस्थित रहीं, जबकि अधीक्षिका पुष्पांजली अवकाश पर थीं। अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। निरीक्षण में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई में छह माह 12 दिन की एक बच्ची आवासित मिली, जिसकी देखभाल एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। केंद्र में साफ-सफाई एवं अभिलेखों का रखरखाव संतोषजनक पाया गया।
शिविर में उपस्थित कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम, मातृत्व लाभ अधिनियम, समान पारिश्रमिक अधिनियम, पीसीपीएनडीटी अधिनियम सहित महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही नालसा की DAWN, ASHA, SAMVAD और JAGRITI इकाइयों की योजनाओं से भी अवगत कराया गया तथा जनपद में व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद सचिव राहुल ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित मिले तथा आश्रम में 52 वृद्धजन निवासरत पाए गए। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण संबंधी प्रावधानों, वृद्धावस्था पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है। इसके लिए जनपद में लगातार विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

