सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बीएसए ने लिया संज्ञान, तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
सोनभद्र। प्राथमिक विद्यालय पूरनाकलां, विकासखंड घोरावल में विद्यालय की बाउंड्री निर्माण के लिए बच्चों से ईंट ढुलवाए जाने का मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर 27 अगस्त को प्रसारित वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती माण्डवी कुमारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्रसारित वीडियो के अवलोकन के बाद विभाग के संज्ञान में आया कि विद्यालय की टूटी बाउंड्री के निर्माण कार्य के लिए अध्ययनरत बच्चों से ईंट ढुलाई कराई जा रही थी। बताया गया कि निर्माण कार्य के लिए राजगीर मिस्त्री और श्रमिक भी लगाए गए हैं, इसके बावजूद बच्चों से निर्माण सामग्री ढुलवाने का कार्य कराया गया।
बीएसए की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराया जाना प्रतिबंधित है। बच्चों से इस तरह का कार्य कराया जाना बाल श्रम की श्रेणी में आता है। विभाग ने इसे शासन की मंशा के विपरीत, अत्यंत निंदनीय और विभागीय आदेशों एवं निर्देशों का उल्लंघन माना है।
प्रधानाध्यापिका को निर्देश दिया गया है कि पूरे प्रकरण के संबंध में युक्तिसंगत कारणों सहित अपना स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

