जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर, 120 कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला तकनीकी समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न

जल संरक्षण से भूगर्भ जल स्तर में सुधार, किसानों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

चेकडैम, तालाब जीर्णाेद्धार, एनीकट एवं रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों से भूगर्भ जल स्तर में सुधार और किसानों को मिलेगा लाभ

सोनभद्र : मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला तकनीकी समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति से संबंधित समस्त अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जनपद के सभी खण्ड विकास अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में अधिशासी अभियंता/सचिव, लघु सिंचाई खण्ड, सोनभद्र द्वारा विभिन्न जल संरक्षण एवं जल संचयन कार्यों के स्थल अनुमोदन हेतु कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। कार्ययोजना में 26 चेकडैम निर्माण, 09 तालाबों के जीर्णाेद्धार, 09 एनीकट निर्माण तथा 76 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग के कार्य शामिल हैं। इस प्रकार कुल 120 कार्यों की कार्ययोजना समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। बैठक में प्रस्तावित कार्यों के महत्व एवं उनसे होने वाले लाभों की जानकारी दी गई। बताया गया कि इन कार्यों के क्रियान्वयन से वर्षा जल के संरक्षण एवं संचयन को बढ़ावा मिलेगा तथा जनपद में भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी। साथ ही, चेकडैम, तालाबों एवं एनीकट के निर्माण और जीर्णाेद्धार से जल उपलब्धता बढ़ाने तथा किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। बैठक में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं सिंचाई संसाधनों के विकास को जनपद की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए प्रस्तावित कार्यों के माध्यम से प्राकृतिक जल संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

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