दुद्धी – संविदा पर नियुक्त 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित 10 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन

17 वर्षो सें मनरेगा मद सें मानदेय पर कार्य कर रहें ग्राम रोजगार सेवक चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर नारेबाजी की

(जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी)दुद्धी सोनभद्र ब्लाक परिसर में 17 वर्षों से मनरेगा मानदेय के सहारे विषम परिस्थितियों में भी संविदा पर कार्य करने वाले 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों की मांग को लेकर 24 अप्रैल 2026 दिन शुक्रवार को दर्जनों रोजगार सेवकों द्वारा विकासखंड दुद्धी कार्यालय के सामने चिलचलते धूप में प्रदर्शन कर विभिन्न ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी बातों को रखते हुए मांगे पूरी किए जाने तक संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया। तत्पश्चात 10 सूत्रीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम मांग पत्र सौपा जिसमें – 1 – माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ डिफेंस एक्सपों मैदान पर की गई घोषणा के क्रम में रोजगार सेवक के भविष्य को सुरक्षित करने हेतू मानव संसाधन नीति का उचित निर्धारण कराए जाए जिसमें न्यूनतम 24000 प्रतिमाह व्यवस्था कराया जाए। 2 – ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्यों का पारदर्शिता हेतू ग्राम रोजगार सेवकों का पद से हटाने हेतू ग्राम पंचायत सदस्यों के दो तिहाई बहुमत के स्थान पर ग्राम सभा के दों तिहाई बहुमत का निर्धारण हो।

3 – मासिक मानदेय भुगतान हेतु पृथक बजट की व्यवस्था का प्रावधान किया जाए अथवा मानदेय भुगतान सामग्री अंश के मद से किया जाए। 4- प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवकों का 12 से 14 महीने का मानदेय बकाया है जिससे आर्थिक तंगहारी के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाने को विवश हो रहे जिससे बच्चों की पढ़ाई लिखाई दवाई माता-पिता की सेवा नहीं हों पा रहीं हैं। अविलम्ब मानदेय का भुगतान किया जाए। 5 – ग्राम रोजगार सेवकों के जॉब चार्ट में हानिकारक जोड़ते हुए विभागीय कर्मी घोषित किया जाए। 6- मनरेगा कार्यों की बेहतरीन मॉनिटरिंग के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एंड्राइड मोबाइल उपलब्ध कराया जाए व डाटा रिचार्ज उपलब्ध कराया जाए। 7- 4 अक्टूबर 2021 की घोषणा के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भांती 20 दिन का आकस्मिक अवकाश व चिकित्सा अवकाश 12 दिन का प्रदान कराया जाए। 8- ग्राम रोजगार सेवकों का न्याय पंचायत स्तर पर स्थानंतरण की व्यवस्था लागू हो। 9- ग्राम रोजगार सेवकों के मृतक के आश्रितों को सेवा प्रदान का अवसर दिया जाए।

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