
पं राम शब्द स्मृति महाविद्यालय विशुनपुर कसदहा जहांगीरगंज अम्बेडकरनगर का मामला
(प्रवीण तिवारी)जहांगीरगंज : मामला पं राम शब्द स्मृति महाविद्यालय विशुनपुर कसदहा जहांगीरगंज अम्बेडकरनगर से जुड़ा है। जहां महाविद्यालय के समाजशास्त्र विषय में अनुमोदित असिस्टेंट प्रो डॉ शिव कुमार यादव को प्रबन्धक द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 एवं अवध विश्वविद्यालय प्रथम परिनियमावली यथासंशोधित 1978 तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व शासनादेश दिनांक 13.03.2024 में विहित प्रावधानों का खुला उलंघन करते हैं निस्कासित कर दिया गया। उपरोक्त नियमों के अनुसार स्ववित्तपोषित शिक्षक की सेवा विखंडन पर नैसर्गिक न्याय के तहत अन्तिम विनिश्चय कुलपति का होगा। किन्तु महाविद्यालय प्रबन्धन द्वारा विश्वविद्यालय कर्मियों की मिली भगत से स्वयं को कुलपति से ऊपर जाकर स्वत: नियम विरुद्ध निष्कासन कर रहे हैं। यहां तक कि अवैधानिक रूप से निस्तारित शिक्षक को प्रबन्धक के रसूख पर विश्वविद्यालय कर्मियों द्वारा केन्द्रीय मूल्यांकन से भी आवांटित उत्तर पुस्तिकाओं को जबरन रखवा कर मूल्यांकन से बाहर कर दिया गया। निस्कासित शिक्षक द्वारा दिये गये दो दो आवेदनों व संस्मरण पत्रों के बावजूद न तो विश्वविद्यालय द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है और न ही महाविद्यालय द्वारा लिखित निष्कासन का पत्र/एनओसी भी दिया जा रहा है। डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन किस प्रकार सम्बद्ध महाविद्यालयों के प्रबन्धन के आगे बौना साबित हो रहा है इसकी मिशाल डॉ शिव कुमार यादव के निष्कासन पर स्वत: दीख पड़ता है कि अवध विश्वविद्यालय प्रशासन जिस महाविद्यालय प्रबन्धक के इशारे पर नाचते हुए केन्द्रीय मूल्यांकन में डॉ यादव से उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल रखवा सकता है लेकिन विश्वविद्यालय के अधिकारिक पोर्टल पर आज भी डॉ शिवकुमार यादव प्रवक्ता समाजशास्त्र के रूप में ही महाविद्यालय में अंकित है, को हटाना उचित नहीं समझा। इसी प्रकार का खेल अधिकांश महाविद्यालयों द्वारा भी किया जा रहा है कि महाविद्यालय से अनुमोदित शिक्षक को मौखिक रूप निस्कासित बता दिया जाता है और विश्वविद्यालय के अभिलेखों में उसी निस्कासित शिक्षक के नाम महाविद्यालय का मानक सुरक्षित प्रदर्शित किया जाता है।

