(अरुण पांडेय)बभनी (सोनभद्र)। विकास खंड बभनी में खंड शिक्षा अधिकारी की स्थाई नियुक्ति न होने से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। वर्तमान में म्योरपुर विकास खंड में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार के पास बभनी का प्रभार है, जिसके चलते वे सप्ताह में बहुत कम समय ही बभनी को दे पाते हैं।
स्थानीय शिक्षकों और अभिभावकों का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय आने पर केवल ‘यस सर-जी सर’ करने वाले चंद शिक्षकों का तांता लग जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता की कोई सुध लेने वाला नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारी की अनियमितता के कारण बेहतर शिक्षा, मध्यान्ह भोजन योजना, विद्यालयों के रख-रखाव, समय-समय पर गुणवत्ता की जांच, विभागीय कामकाज, बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे तमाम महत्वपूर्ण मामले अधर में लटके हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण शिक्षक मनमानी तरीके से विद्यालय संचालित कर रहे हैं। कई विद्यालयों में शिक्षक समय से नहीं आते-जाते हैं, जिससे शिक्षकों में तो प्रसन्नता का माहौल है, लेकिन इसका खामियाजा सैकड़ों विद्यालयों के मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
विकास खंड में स्थिति यह है कि कई दर्जन प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों का भारी अभाव है, तो कहीं भवन के अभाव में अतिरिक्त कक्षों में या जर्जर भवनों में विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
सवर्ण आर्मी बभनी के ब्लॉक अध्यक्ष पंडित ज्ञानू महाराज ने कहा कि एक ही खंड शिक्षा अधिकारी के कंधे पर दो विकास खंडों का दायित्व जिला बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा थोप दिया जाना बिल्कुल उचित नहीं है बभनी शिक्षा क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी की स्थाई नियुक्ति हो जिससे बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके और खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय भ्रमण कर स्थितियों का जायजा भी लेते रहें जिससे गुणवत्ता में सुधार आ सके।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग से मांग की है कि बभनी विकास खंड में जल्द से जल्द स्थाई खंड शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

