सोनभद्र। जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मेडिकल प्रवेश (NEET/MBBS) दिलाने के नाम पर छात्रों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत लखनऊ से तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
22 लाख की ठगी से खुला मामला
इस पूरे गिरोह का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने उसे सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में पक्की सीट दिलाने का झांसा देकर 22,00,000 (बाइस लाख) रुपये हड़प लिए हैं। ठगों ने खुद को प्रभावशाली एजेंट बताया था। पुलिस ने मु0अ0सं0- 09/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
लखनऊ के शॉपिंग मॉल से हुई गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में गठित साइबर टीम ने टेक्निकल सर्विलांस, कॉल डिटेल और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर ठगों की घेराबंदी की। पुलिस टीम ने सटीक सूचना पर लखनऊ के चारबाग बस स्टैंड स्थित जूडियो शॉपिंग मॉल के पास दबिश देकर तीनों अभियुक्तों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण संचित चन्द्रा (46 वर्ष): निवासी कृष्णानगर, लखनऊ (मुख्य सरगना, जिसके विरुद्ध हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं)। विनय कुमार मौर्या (35 वर्ष): निवासी नेवाजगंज, लखनऊ, आकाश सिन्हा (35 वर्ष): निवासी सिकन्दराबाद, आंध्र प्रदेश। ठगी का हाईटेक तरीका: ‘आप्टिमस एजुकेशन कन्सल्टेन्सी’ पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। वे लखनऊ के गोमती नगर (जेबी एम्पायर) में ‘आप्टिमस एजुकेशन कन्सल्टेन्सी’ नाम से ऑफिस चलाते थे। वे बड़े कोचिंग सेंटरों और कॉलेजों से छात्रों का डाटा हासिल करते थे। नीट परीक्षा पास करने वाले या कम अंकों से पिछड़ने वाले छात्रों को उनके टेलीकॉलर कॉल करते थे। प्रीमियम कॉलेजों में दाखिले का प्रलोभन देकर वे मोटी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवाते थे। बरामदगी। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 07 एंड्रायड मोबाइल फोन, 07 एटीएम कार्ड, बैंक में पैसे जमा करने की रसीदें और चेक बरामद किए हैं।
सराहनीय भूमिका
इस बड़ी सफलता में प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी, हे0का0 संजय कुमार वर्मा, शिवनन्दन सिंह, का0 अखिलेश यादव, सत्यम सिंह और सुनील रावत की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और ठगी के शिकार हुए अन्य पीड़ितों की तलाश कर रही है।
सावधान: पुलिस ने अपील की है कि मेडिकल दाखिले के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत कंसल्टेंसी को पैसा न दें और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें।

