‘ऊंट के मुंह में जीरा’ ! 80-100 वोल्ट में सिसक रहा अचितपुर गांव, बिजली व्यवस्था पूरी तरह फेल

(राहुल गुप्ता)नरायनपुर,मिर्जापुर।“ऊंट के मुंह में जीरा” वाली कहावत इन दिनों क्षेत्र के अचीतपुर गांव की बिजली व्यवस्था पर पूरी तरह सटीक बैठ रही है। नाम मात्र की बिजली आपूर्ति से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है।हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों को नाम मात्र की बिजली मिल रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्तमान में लगी 100 केवी क्षमता की लाइन बढ़ते लोड को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। इसके चलते वोल्टेज गिरकर 80 से 100 वोल्ट तक सिमट जाता है, जिससे न तो पंखे ठीक से चलते हैं और न ही अन्य जरूरी उपकरण।परेशान ग्रामीणों ने कई बार विभाग को शिकायत दी, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर सुधार नहीं हुआ।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने लाइन को 250 केवी तक अपग्रेड करने की मांग की है, साथ ही 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने की भी जोरदार मांग उठाई है, ताकि आपूर्ति सुचारू हो सके।

जर्जर एलटी लाइन बनी सबसे बड़ी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, पूरे गांव में फैली एलटी लाइन बेहद पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण आए दिन फॉल्ट होता है और बिजली घंटों तक बाधित रहती है। कई बार मामूली खराबी भी लंबे समय तक नहीं सुधारी जाती, जिससे लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

सिंगल फेज सप्लाई से बढ़ी मुसीबत

वर्तमान में सिंगल फेज आपूर्ति के चलते स्थिति और बिगड़ गई है। एक फेज आने पर लोड नहीं चल पाता, बार-बार ट्रिपिंग होती है और कई घरों में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों ने डबल फेज सप्लाई लागू करने की भी मांग की है।

भीषण गर्मी से पहले चेतावनी

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाली भीषण गर्मी में हालात और भयावह हो जाएंगे। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से संकट और गहरा सकता है।
गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। यदि विभाग ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें बिजली विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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