
शशिचौबे (सोनभद्र) डाला । तहसील भवन निर्माण संघर्ष समिति के नेतृत्व में गुरूवार को नवसृजित ओबरा तहसील भवन का स्थाई निर्माण स्टेट हाईवे के समीप डाला में कराये जाने को लेकर डाला बाजार स्थित रामलीला मैदान में ओम प्रकाश तिवारी के अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे बैठक के दौरान भाजपा नेता मुकेश जैन ने कहा कि ओबरा तहसील अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत व नगर पंचायत के 75 से 80 प्रतिशत जनमानस के हितो की अनदेखी नहीं होने दिया जाएगा।उनकी अपेक्षाओ को ध्यान में रखते हुए ओबरा तहसील भवन का स्थाई निर्माण पूर्व में चयनित भूमि व स्थान लक्ष्मण नगर डाला में ही कराया जाएगा।जिसके लिए शासन प्रशासन तक क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधी नगर पंचायत अध्यक्ष से लेकर विभिन्न ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानो का हस्ताक्षर युक्त पत्र पहुँच चुका है।जिसकी अनदेखी शासन प्रशासन कभी नहीं कर सकता है।भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य सुभाष पाल ने कहा कि ओबरा तहसील अन्तर्गत आने वाले सभी ग्राम पंचायत व नगर पंचायतो के रहवासियो के सुख सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व जिलाधिकारी रहे एस० राजलिंगम द्वारा सन 20-21 में स्थाई रूप से ओबरा तहसील भवन का निर्माण जन हित को देखते हुए डाला स्थित लक्ष्मण नगर में कराये जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और डाला लक्ष्मण नगर की भूमि का चिन्हाकन कर अभिलेख खतौनी में स्थान का नाम भी दर्ज किया जा चुका था।इसके बाद भी अबतक तहसील भवन का निर्माण पूर्व में चयनित स्थान पर न कराया जाना समझ से परे है।इसके बाद ओबरा में स्थाई तहसील भवन का निर्माण कराये जाने की बात करना सच्चाई से बिलकूल ही परे है,जो जनहित की पुरी-पुरी अनदेखी है।भैरो प्रसाद जायसवाल व चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि ओबरा तहसील में ग्राम पंचायत व नगर पंचायत मिलाकर 115 ग्राम सामिल है।जिसमें 75 से 80 प्रतिशत से भी अधिक ग्राम पंचायत व नगर पंचायत का क्षेत्र डाला स्थित वाराणसी शक्तिनगर मार्ग से जुड़ा है।इसके बाद भी पूर्व में चयनित लक्ष्मण नगर डाला में स्थाई तहसील भवन का निर्माण न कराकर जनहित की अनदेखी कर ओबरा में बनाया जाना तहसील अन्तर्गत आने वाले बहुसंख्यक जनता के सुख सुविधाओ की अनदेखी है,जो कदापि उचित नहीं है।जिसका समस्त ग्राम पंचायत व नगर पंचायत वासी विरोध करते हैं।जंगी मास्टर ,सुगेनी प्रसाद,अरूण गुप्ता,अंशू पटेल,साधू यादव,संजय ठाकूर आदि लोगो ने ओबरा में तहसील भवन का स्थाई निर्माण कराये जाने को लेकर जबर्दस्त विरोध किया।बैठक का संचालन बसपा नेता राणा सुभाषराव ने किया।इस दौरान मदन अग्रहरी, संकठा प्रसाद,शारदा अग्रहरी,अवनीश देव पांडेय,राजेश्वर,पन्नालाल गोंड,दीपक राय,श्रीनिवास,कमल,अमीत,सुदर्शन, आदि लोग सामिल रहे।

