सोनभद्र। राष्ट्रीय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार गुरुवार को जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री राम सुलीन सिंह ने ‘बोर्ड ऑफ विजिटर्स’ के सदस्यों के साथ जिला कारागार सोनभद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
बैरकों में जाकर सुनी समस्याएं
जनपद न्यायाधीश ने टीम के साथ प्रत्येक बैरक का भ्रमण किया और बंदियों से संवाद कर उनके मुकदमों की स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बंदियों के पास पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा। जमानत और पेशी से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु उन्होंने सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व जेल प्रशासन को कड़े निर्देश दिए।

स्वास्थ्य और सफाई पर जोर
बढ़ती गर्मी और मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए जनपद न्यायाधीश ने जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि: बंदियों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। बीमारियों से बचाव हेतु साफ-सफाई और मच्छर निरोधक इंतजाम किए जाएं। किसी भी बंदी के अस्वस्थ होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पाकशाला का निरीक्षण:
भेदभाव न करने की हिदायत निरीक्षण के दौरान जेल की पाकशाला (किचन) साफ-सुथरी पाई गई। जनपद न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि भोजन वितरण या कार्य आवंटन में जाति, धर्म, लिंग या दिव्यांगता के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल, जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहा।

