सोनभद्र। जनपद के करमा ब्लाक अन्तर्गत ग्राम सभा लोहरा के गुलरहवा बस्ती में सोनभद्र किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान महापंचायत बुलाई गई। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को लोहरा गांव के गुलरहवां बस्ती में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया, पंचायत में किसानों ने प्रशासन की बेरूखी एवं अपने दिये गये ज्ञापन के साक्षेप में कोई स्पष्ट वक्तव्य एवं आश्वासन नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। किसानों ने कहा प्रशासन का टाल मटोल वाला जबाब किसानों की नींद हराम की हुई है, अपनी व्यवस्था को दुरुस्त एवं विकसित कर रहे लोगों ने विराम लगा दिया है, मकान निर्माण से लेकर बोरवेल बनवाने वाले किसान निर्णय नहीं कर पा रहें की वे अपनी पूंजी अपने खेतों को और बेहतर बनाने के लिये लगाएं या अंतिम फैसले का इंतजार करें, किसानों ने अंतिम दम तक जमीन बचाने की लड़ाई लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता जतायी साथ ही प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग रखी उसके लिये,
जिसके लिए नव गठित सोनभद्र किसान संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल पुनः जिलाधिकारी को ज्ञापन दे कर अपनी बात रखेगा, किसानों का कहना है की 25 मार्च को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था जिसके प्रतियुत्तर में अभी तक कोई भी जानकारी उन्हें नहीं प्राप्त हो पायी है प्रशासन अपनी मंशा स्पष्ट करे की बट, लोहरा एवं तकिया के किसानों के साथ क्या होने वाला है, उहापोह की स्थित मानसिक प्रताड़ना का कारण बन रही है। सोनभद्र किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने किसानों की तरह से स्पष्ट तौर पर यह कहा कि यदि जिला प्रशासन कोई संतोषजनक जवाब नहीं देता है तो बहुत जल्द ही किसानों के द्वारा धरना प्रदर्शन एक्टिवेट का खेड़ा किया जाएगा जिसके सीधे जिम्मेदार जिला प्रशासन स्वयं होगा। इस मौके पर सोनभद्र किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा,उपाध्यक्ष रविशंकर, रेनू मौर्य, दिनेश सिंह, अजीत कुमार, संतोष आत्मा सिंह, दयाराम, ज्योतिजंग सिंह, सौरभ कुमार, धनंजय कुमार, बृजेश सिंह, जयप्रकाश, कमलेश सिंह के अलावा पारस नाथ सिंह, रामराज, मिंटू ,दिनेश, चंद्रप्रकाश एडवोकेट, राकेश मौर्य रामप्रसाद, गोपाल सिंह, सोहन सहित सैकड़ों किसान एवं खेतिहर मजदूर मौजूद थे।

