
(प्रवीण तिवारी)अम्बेडकरनगर:- एक्शनएड एसोसिएशन (इण्डिया) लखनऊ के द्वारा आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित करती हुई मानवाधिकार रक्षिका गायत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा सुरक्षा सम्मान व रोजगार के लिए अवसर प्रदान करना है ताकि महिलाएं सामाजिक रुप से सशक्त आर्थिक रूप से उन्मुक्त व राजनैतिक रूप से विकास की मुख्यधारा मे आ सकें और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने मे सक्षम हो सकें।
सम्मेलन को सँबोधित करती हुई राजकीय बालिका इण्टर कालेज बेवाना की प्रधानाचार्या नीलम ने महिलाओं को आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और सभी बालिकाओं को शिक्षित करने का आह्वान किया। अध्यापिका डा. स्नेहलता ने महिलाओं को रूढ़िवादी परम्परा से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा को निखारने की अपील किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की अमरावती शर्मा ने महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने की तरकीब बताया। जिला प्रोवेशन विभाग की सपोर्ट पर्सन सँतोष श्रीवास्तव ने महिलाओं को पास्को, महिला सँरक्षण. बालश्रम अधिनियम के बारे में विशेष जानकारी दिया। भितरीडीह की आँगनवाड़ी कार्यकर्ता नीलम ने महिलाओं को आईसीडीएस व आईसीपीएस योजना की जानकारी दिया। डा. डी.के. मिश्रा ने महिलाओं को रोग व बीमारी से बचाव तरीका बताया।
सम्मेलन में 60 गांव में महिलाओं का नेतृत्व निर्माण करने, सँगठन का झँडा डँडा व फँडा खडा करके महिला सँगठन की बैचारिकी को मजबूत करने का सँकल्प लिया गया। सम्मेलन के सत्रों का सँचालन निरकला ने किया। सम्मेलन में लक्ष्मी मँजू अनुपम रोशनी गौरी आदि ने महिला सशक्तीकरण के गीत गाए। सम्मेलन को सफल बनाने में मीरा सुदामा पिँका पूनम शशिकला सुँदरलता रानी रूबी ममता सरिता बिमला रेनू आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

