कागज फर्जी, कारोबार असली! खनिज परमिट के खेल में चार गिरफ्तार

लैपटॉप-प्रिंटर से बनाते थे सिक्योरिटी पेपर, फर्जी दस्तावेजों के सहारे गिट्टी-बालू का परिवहन कराने का आरोप


रॉबर्ट्सगंज पुलिस की दबिश में गिरोह का नेटवर्क उजागर, चार मोबाइल और ₹5,900 नकदी समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद


सोनभद्र। खनिज परिवहन के नाम पर फर्जीवाड़े का बड़ा खेल खेल रहे कथित गिरोह पर रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने शिकंजा कसते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर/फार्म-11 को डिजिटल तरीके से एडिट कर गिट्टी-बालू लदे वाहनों के लिए फर्जी परमिट तैयार कराते थे। पुलिस की कार्रवाई में लैपटॉप और प्रिंटर समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई थाना रॉबर्ट्सगंज में दर्ज मु0अ0सं0 555/2026 में वांछित आरोपियों की तलाश के दौरान हुई। चौकी हिन्दुआरी क्षेत्र में पुलिस टीम संदिग्धों की तलाश कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि तेन्दु (मगुरही) स्थित हनुमान मंदिर परिसर में कुछ आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करने की तैयारी में जुटे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से चार लोगों को पकड़ लिया।
लैपटॉप में होता था फर्जीवाड़ा, प्रिंटर से निकलता था ‘परमिट’
पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि गिरोह में प्रत्येक सदस्य की भूमिका तय थी। हिमांशु पाण्डेय ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था, जबकि अश्विनी पटेल और उमेश यादव इन कागजों को शक्तिमान कुमार के सहज जनसेवा केंद्र पर ले जाते थे। वहां लैपटॉप के जरिए कागजों में वाहन संख्या, चालक का नाम-पता, गिट्टी-बालू की मात्रा सहित अन्य विवरण दर्ज कर उन्हें कथित तौर पर फर्जी परमिट का रूप दिया जाता था।
इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के सहारे खनिज लदे वाहनों के परिवहन की व्यवस्था किए जाने की बात पुलिस ने बताई है। पूछताछ में 16 और 22 जून 2026 को भी फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कराने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब ऐसे दस्तावेजों के जरिए कराए गए खनिज परिवहन और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की कड़ियां खंगाल रही है।


चारों आरोपी पुलिस के शिकंजे में


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अश्विनी पटेल निवासी कूराकला, थाना पन्नूगंज, सोनभद्र, उमेश यादव निवासी अतरवा शमशेर, थाना नौगढ़, चंदौली, हिमांशु पाण्डेय निवासी प्रीतनगर, थाना चोपन, सोनभद्र तथा शक्तिमान कुमार निवासी हलिया बांध, थाना चकरघट्टा, चंदौली के रूप में हुई है।


यह सामान हुआ बरामद


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से HP का लैपटॉप, Canon का प्रिंटर, दोनों के चार्जर, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, ₹5,900 नकद तथा फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री/उपकरण बरामद किए हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि चारों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस की कार्रवाई से खनिज कारोबार में मचा हड़कंप फर्जी दस्तावेजों के जरिए खनिज परिवहन को वैध दिखाने के कथित खेल के खुलासे के बाद पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जांच का फोकस फर्जी परमिट की संख्या, इनके जरिए कराए गए खनिज परिवहन, आर्थिक लाभ और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।

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