(रँगेश सिंह)सोनभद्र : भारतीय जनता पार्टी का 47 वां स्थापना दिवस घोरावल विधानसभा के मधुपुर मंडल के रानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय मधुपुर में बड़े धूमधाम व हर्षोउलास के साथ मनाया गया कार्यक्रम में बतारौ मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे मौजूद रहे कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय व डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के चित्र पर मुख्य अतिथि ओमप्रकाश दुबे विशिष्ट अतीत किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष यादवेन्द्र द्विवेदी प्रधान संघ अध्यक्ष रावटसगंज सुरेश शुक्ला ग्राम प्रधान मधुपुर प्रवीण पटेल किसान मोर्चा के महामंत्री नरसिंह पटेल ने पुष्प अर्पित कर किया कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान मोर्चा के जिला महामंत्री नरसिंह पटेल व संचालन मधुपुर के पूर्व मंडल अध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने किया तत्पश्चात एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रवादी राजनीतिक दल है जो भारत को एक सुदृढ़, समृद्ध एवं शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए कृतसंकल्प है। भारत को एक समर्थ राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान में आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में किया गया, जिसके प्रथम अध्यक्ष श्री अटल बिहारी वाजपेयी निर्वाचित हुए। अपनी स्थापना के साथ ही भाजपा ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं लोकहित के विषयों पर मुखर रहते हुए भारतीय लोकतंत्र में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज की तथा भारतीय राजनीति को नए आयाम दिए। कांग्रेस की एकाधिकार वाली एक-दलीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था के रूप में जानी जाने वाली भारतीय राजनीति को भारतीय जनता पार्टी ने दो ध्रुवीय बनाकर एक गठबंधन-युग के सूत्रपात में अग्रणी भूमिका निभाई है। देश में विकास आधारित राजनीति की नींव भी भाजपा ने विभिन्न राज्यों में सत्ता में आने के बाद तथा पूरे देश में भाजपा नीत राजग शासन के दौरान रखी। आज तीन दशक बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसी एक पार्टी को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत दिया है तथा भारी बहुमत से भाजपा राजग सरकार केन्द्र में विद्यमान है।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष यादवेंद्र द्विवेदी व प्रधान संघ अध्यक्ष सुरेश शुक्ला ने कहा कि
हालांकि भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल, 1980 को हुआ, परन्तु इसका इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता प्राप्ति तथा देश विभाजन के साथ ही देश में एक नई राजनीतिक परिस्थिति उत्पन्न हुई। गांधीजी की हत्या के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाकर देश में एक नया राजनीतिक षड्यंत्र रचा जाने लगा। सरदार पटेल के देहावसान के पश्चात् कांग्रेस में नेहरू का अधिनायकवाद प्रबल होने लगा। गांधी और पटेल दोनों के ही नहीं रहने के कारण कांग्रेस ‘नेहरूवाद’ की चपेट में आ गई तथा अल्पसंख्यक तुष्टिकरण, लाइसेंस-परमिट-कोटा राज, राष्ट्रीय सुरक्षा पर लापरवाही, राष्ट्रीय मसलों जैसे कश्मीर आदि पर घुटनाटेक नीति, अंतर्राष्ट्रीय मामलों में भारतीय हितों की अनदेखी आदि अनेक विषय देश में राष्ट्रवादी नागरिकों को उद्विग्न करने लगे। ‘नेहरूवाद’ तथा पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर भारत के चुप रहने से क्षुब्ध होकर डॉ श्यामा प्रसाद मुकर्जी ने नेहरु मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया। इधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ स्वयंसेवकों ने भी प्रतिबंध के दंश को झेलते हुए महसूस किया कि संघ के राजनीतिक क्षेत्र से सिद्धांततः दूरी बनाये रखने के कारण वे अलग-थलग तो पड़े ही, साथ ही संघ को राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा था। ऐसी परिस्थिति में एक राष्ट्रवादी राजनीतिक दल की आवश्यकता देश में महसूस की जाने लगी। फलतः भारतीय जनसंघ की स्थापना 21 अक्टूबर, 1951 को डॉ श्यामा प्रसाद मुकर्जी की अध्यक्षता में दिल्ली के राघोमल आर्य कन्या उच्च विद्यालय में हुई।
भारतीय जनसंघ ने डॉ श्यामा प्रसाद मुकर्जी के नेतृत्व में कश्मीर एवं राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर आंदोलन छेड़ा तथा कश्मीर को किसी भी प्रकार का विशेषाधिकार देने का विरोध किया। नेहरू के अधिनायकवादी रवैये के फलस्वरूप डॉ श्यामा प्रसाद मुकर्जी को कश्मीर की जेल में डाल दिया गया, जहां उनकी रहस्यपूर्ण स्थिति में मृत्यु हो गई। एक नई पार्टी को सशक्त बनाने का कार्य पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के कंधों पर आ गया। भारत-चीन युद्ध में भी भारतीय जनसंघ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर नेहरू की नीतियों का डटकर विरोध किया। 1967 में पहली बार भारतीय जनसंघ एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नेतृत्व में भारतीय राजनीति पर लम्बे समय से बरकरार कांग्रेस का एकाधिकार टूटा, जिससे कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पराजय हुई।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए किसान मोर्चा के जिला महामंत्री नरसिंह पटेल ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व जिला मंत्री सुनील सिंह जिला कर समिति सदस्य अनूप तिवारी किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र पटेल पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील पटेल पूर्व मंडल महामंत्री छात्र बिना श्रीवास्तव के पूर्व अध्यक्ष पूर्व जिला उपाध्यक्ष क्रांति परिषद के सदस्य इंद्र बहादुर सिंह किसान मोर्चा के जिला मंत्री अभय दुबे रामलाल चौहान प्रेम प्रकाश प्रजापति सतीश मिश्रा पूर्व मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह सरदार परमेश्वर केसरी राजकुमार पटेल व मिश्रा अवधेश मिश्रा रामकरण कॉल राम प्रवेश यादव आशीष सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे

