सोनभद्र। माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देश तथा जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र श्री राम सुलीन सिंह के आदेश के अनुपालन में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की समिति ने इन्द्रपुरी कॉलोनी, राबर्ट्सगंज स्थित पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में श्री ओमकार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), श्री राहुल, सिविल जज (सी0डि0)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा श्रीमती रिचा केशरवानी, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड सोनभद्र शामिल रहीं। इस दौरान बाल गृह की अधीक्षिका श्रीमती नीलम सिंह एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
निरीक्षण के समय बाल गृह में कुल 52 बालिकाएं आवासित पाई गईं, जिनमें 30 सोनभद्र, 20 मीरजापुर, 2 भदोही की बालिकाएं तथा 2 नवजात शिशु शामिल हैं। समिति ने साफ-सफाई, भोजन, नाश्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाईं। बालिकाओं को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा था।
इस अवसर पर बालिकाओं एवं स्टाफ को महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही मिशन शक्ति विशेष अभियान के छठवें चरण के अंतर्गत दहेज प्रतिषेध, घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध, लैंगिक अपराधों से संरक्षण, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, महिलाओं के विधिक अधिकार तथा सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया।
श्री राहुल, सिविल जज (सी0डि0)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि बालिकाओं एवं अधीक्षिका को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 सहित महिला सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े अधिकारों और योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

