(ज्ञानेश दुबे)वाराणसी। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-2026) रविवार को वाराणसी के 47 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले में कुल 25,480 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 23,787 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,693 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में 93.36 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले सघन जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। शर्ट की बांह ऊपर कराकर जांच की गई, गमछे बाहर रखवाए गए तथा जूते उतरवाकर तलाशी ली गई। बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। सभी केंद्रों पर पैरामिलिट्री बल और पुलिस कर्मियों की तैनाती रही।
नीट परीक्षा के नोडल अधिकारी प्रभुनाथ सिंह ने बताया कि परीक्षा की तैयारियां दो दिन पहले ही पूरी कर ली गई थीं। प्रश्नपत्र मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में खोले गए तथा परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी गई।
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस वर्ष फिजिक्स और केमेस्ट्री के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे। कई सवालों को हल करने में अधिक समय लगा। अभ्यर्थी प्रेरणा त्रिपाठी ने कहा कि पेपर का स्तर मध्यम था, लेकिन फिजिक्स और केमेस्ट्री के प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे। वहीं निहाल मिश्रा ने कहा कि इन दोनों विषयों के प्रश्नों में अधिक समय लगा और उम्मीद है कि इस बार परीक्षा से जुड़ी किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आएगी।
परीक्षा समाप्त होने के बाद शहर के कई इलाकों में यातायात का दबाव बढ़ गया। चेतगंज, कचहरी, भेलूपुर और कमच्छा क्षेत्रों में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि यातायात पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को जल्द सामान्य कर दिया।
नीट परीक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने भी विशेष इंतजाम किए थे। पटना रूट के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई, जबकि लखनऊ और दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या भी अधिक रही। आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप यादव ने बताया कि अभ्यर्थियों को पुलिस बल की सहायता से सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से ट्रेनों में बैठाया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार तथा अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीना ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने जेपी मेहता इंटर कॉलेज, महिला महाविद्यालय बीएचयू और कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू सहित प्रमुख केंद्रों पर पहुंचकर प्रवेश-निकास व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में भीड़ एकत्रित होने पर प्रतिबंध लागू रहा तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

