(जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी)दुद्धी सोनभद्र : थाना दुद्धी क्षेत्र के अंतर्गत महुआरीया ग्राम में बीते 9 जून को हुई एक युवक की नृशंस हत्या के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई की मांग की है। मृतक समा सिंह के बड़े भाई जय सिंह गोंड ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO), सर्किल क्षेत्र दुद्धी को एक लिखित तहरीर सौंपकर मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने और एफआईआर में अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाने की गुहार लगाई है।
सोची-समझी साजिश के तहत बुलाई गई थी पंचायत
पीड़ित जय सिंह गोंड (निवासी: महुआरीया, जाति: गोंड/ST) द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, घटना 9 जून 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। आरोप है कि विपक्षी राजेंद्र विश्वकर्मा और उसके साथ 2-3 अन्य अज्ञात लोगों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत मृतक समा सिंह को फोन करके लिलासी नदी पुलिया के पास बुलाया। वहां घात लगाकर बैठे आरोपियों ने धारदार चाकू और अन्य हथियारों से हमला कर समा सिंह की निर्मम हत्या कर दी।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, दो अन्य आरोपी अभी भी फरार मामले में थाना दुद्धी में F.I.R. No. 0169/2026 के तहत धारा 103(1) BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मुकदमा पंजीकृत है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने अब तक केवल एक मुख्य आरोपी राजेंद्र विश्वकर्मा को ही गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में 2 से 3 अन्य आरोपी भी शामिल थे जो अभी तक फरार हैं।
चश्मदीदों के हवाले से पेट्रोल पंप और खून से लथपथ कपड़ों का जिक्र
तहरीर में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया गया है कि घटना वाले दिन ही दो आरोपी कुप्टी रोड पर स्थित लल्ला बनिया की परचून व पेट्रोल की दुकान पर पहुंचे थे। वे दोनों खून से लथपथ थे और उन्होंने हड़बड़ी में दुकानदार से यह कहते हुए पेट्रोल मांगा था कि “जल्दी पेट्रोल दीजिए, हमें भागना है।” इसके अलावा, मृतक समा सिंह का गायब मोबाइल फोन भी मुख्य आरोपी राजेंद्र विश्वकर्मा की पत्नी के पास से बरामद हुआ है, जो इस बात का पुख्ता सबूत है कि इस जघन्य अपराध में अन्य लोग भी शामिल हैं।
SC/ST एक्ट जोड़ने की मांग
पीड़ित जय सिंह ने पुलिस क्षेत्राधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि चूंकि वे अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आते हैं, इसलिए इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान एफआईआर में SC/ST एक्ट तथा अन्य सुसंगत धाराएं बढ़ाई जाएं। साथ ही, जनहित और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फरार चल रहे बाकी अपराधियों का शीघ्र खुलासा कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।

