सोनभद्र के पर्यटन व धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प, करोड़ों की योजना को मिली हरी झंडी

सोनभद्र : जनपद की समृद्ध धार्मिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा जनपद के प्रमुख आस्था केंद्रों और पिकनिक स्थलों के विकास हेतु करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना से शिवद्वार से लेकर विढ़मगंज तक के क्षेत्रों का स्वरूप बदलेगा।


इन चार प्रमुख स्थलों का चयन


जिलाधिकारी के अनुसार, प्रथम चरण में विकास कार्यों के लिए चार प्रमुख स्थलों को चिन्हित किया गया है। शिवद्वार मंदिर (घोरावल): भगवान शिव के इस अति प्राचीन और आस्था के बड़े केंद्र को भव्य रूप दिया जाएगा। राजा नल मंदिर: ऐतिहासिक महत्ता वाले इस स्थल का सौंदर्यीकरण कर इसे पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाया जाएगा। राम मंदिर (विढ़मगंज): यहाँ श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

  • खैरटिया पिकनिक स्पॉट: प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस स्थल पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
    श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
    पर्यटन विभाग द्वारा इन स्थलों पर केवल सौंदर्यीकरण ही नहीं, बल्कि जन-सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इसके तहत बड़े हॉल, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) और बैठने के लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे। इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को साल भर बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
    रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा
    डीएम ने जोर देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को भी इससे नया बाजार मिलेगा।
    अन्य स्थलों के लिए भी तैयार हो रहा मास्टर प्लान
    पर्यटन अधिकारी श्री राजेश भारती ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद के अन्य संभावित पर्यटन स्थलों का भी सर्वे किया जा रहा है। उनके विकास के लिए भी विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जा रहे हैं, ताकि सोनभद्र को उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख ‘पर्यटन हब’ के रूप में विकसित किया जा सके।

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