जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
रिपोर्ट मदन मोहन जनपद चंदौली : पोलियो मुक्त जनपद बनने के लिए जिलाधिकारी चंदौली के द्वारा पोलियो अभियान व जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किये । इस अभियान मेंलापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई।जनपद को पोलियो मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार (28 जून) को शून्य से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को एक साथ पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस बार जनपद में कुल 3,07,618 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
DM ने दिखाई हरी झंडी, दिए मुस्तैदी के निर्देश
अभियान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शनिवार को सदर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चंदौली से कचहरी होते हुए वापस PHC तक एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। यथार्थ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, झांसी के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई इस रैली को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा,”पोलियो उन्मूलन में हमारा ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, लेकिन हमें पूरी तरह सतर्क रहना होगा। ईंट-भट्ठों, मलिन बस्तियों और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि ‘दो बूंद जिंदगी की’ हर बच्चे तक पहुँच सके।
बूथों के साथ घर-घर जाकर भी पिलाई जाएगी दवा
मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. पारितोष मिश्रा ने बताया कि ‘पोलियो रविवार’ के अवसर पर जिले भर में कुल 976 बूथ बनाए गए हैं। इसके साथ ही 38 ट्रांजिटऔर 18 मोबाइल टीमें भी मुस्तैद रहेंगी। बूथ दिवस के बाद, सोमवार से शुक्रवार तक 616 टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी।
प्रतिरोधी परिवारों को मनाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग
डॉ. पारितोष मिश्रा ने बताया कि सभी टीमों को लक्ष्य के सापेक्ष अधिकतम बच्चों को बूथ पर ही दवा पिलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा,
“ऐसे क्षेत्र जहाँ दवा पिलाने को लेकर प्रतिरोधी परिवार (हिचकिचाहट रखने वाले) हैं, वहाँ विशेष प्रयास किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से नियामताबाद ब्लॉक के अंतर्गत दुलहीपुर, रेमा और नई बस्ती जैसे इलाके शामिल हैं। इन परिवारों के बच्चों को कवर करने के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जा रहा है। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमित दूबे ने जानकारी दी कि इस अभियान में बायोवैलेंट वैक्सीन का प्रयोग किया जा रहा है। सभी संबंधित कर्मियों और अधीक्षकों/प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का प्रशिक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बूथों और टीमों की सक्रियता जांचने के लिए जनपद व ब्लॉक स्तर के अधिकारी और डब्ल्यूएचओ (WHO) व यूनिसेफ की टीमें क्षेत्र का सघन भ्रमण करेंगी। साथ ही, तैनात किए गए पर्यवेक्षक प्रतिदिन शाम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित होने वाली फीडबैक बैठक में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ए.के. दूबे समेत डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

