सोनभद्र। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुवार को डीपीआरसी परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया, वहीं करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विकास और सशक्तिकरण का महाकुंभ डीसी मनरेगा रविंद्र वीर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया गया। प्रेजेंटेशन के जरिए अधिकारियों ने बताया कि कैसे समूह से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में भी अपनी नई पहचान बना रही हैं। अपनी कहानी-अपनी जुबानी’ में गूँजी सफलता की दास्तां कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी सत्र ‘अपनी कहानी-अपनी जुबानी’ रहा। समूह की सदस्य श्रीमती सुनीता देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूह से जुड़ना उनके जीवन का एक बड़ा बदलाव साबित हुआ है। उनकी सफलता की कहानी ने वहां मौजूद अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में दो मुख्य आकर्षण रहे। स्वयं सहायता समूह प्रदर्शनी महिलाओं द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसकी अधिकारियों ने मुक्त कंठ से सराहना की डिजिटल सशक्तिकरण: आईसीडीएस विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि कार्य में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। विकास की झलक और सांस्कृतिक रंग उपायुक्त स्वतः रोजगार श्रीमती सरिता सिंह ने टीम भावना के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया। जिला मिशन प्रबंधक एम.जी. रवि ने आगामी कार्ययोजना साझा करते हुए अधिक से अधिक महिलाओं को मिशन से जोड़ने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित विकास प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यों को दर्शाया गया, वहीं सांस्कृतिक विभाग के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत करमा नृत्य ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में समस्त खंड विकास अधिकारी, सीडीपीओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं व लाभार्थी उपस्थित रहे।


