(दयासागर)गोरखपुर : जिले में रसोई गैस की किल्लत के बीच शादी विवाह समारोहों के लिए सिलेंडर उपलब्ध कराने की प्रशासनिक पहल अब खुद चुनौती बनती नजर आ रही है। लग्न का सीजन शुरू होते ही जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में आवेदनों की बाढ़ आ गई है। हर दिन दर्जनों लोग विवाह का कार्ड लेकर गैस सिलेंडर की मांग कर रहे हैं और अब तक करीब 1000 आवेदन जमा हो चुके हैं।प्रशासन की ओर से लगभग 800 आवेदनों को स्वीकृति भी दी जा चुकी है और दावा किया जा रहा है कि विवाह के दो दिन पहले तक सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाएगा। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सूची में नाम होने के बाद भी लोगों को तहसील से लेकर उपभोक्ता को गैस एजेंसी चक्कर काटने पड़ रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों के सामने दुविधा खड़ी हो गई है—घर की रसोई चलाएं या विवाह समारोह की तैयारी करें। गैस की कमी ने दोनों ही मोर्चों पर संकट खड़ा कर दिया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अधिकारियों का कहना है कि शादी वाले घरों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी का दावा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और सत्यापन के बाद ही सिलेंडर वितरण किया जा रहा है।हालांकि, हकीकत यह है कि कागजों पर सुचारू दिख रही व्यवस्था जमीनी स्तर पर लड़खड़ाती नजर आ रही है और आम उपभोक्ता अब भी राहत की आस में भटक रहा है।

