सोनभद्र (ब्यूरो): जनपद में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत सोनभद्र पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। दहेज हत्या के एक मामले में माननीय न्यायालय (एएसजे/एफटीसी/सीएडाब्लू) ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
यह प्रकरण थाना रॉबर्ट्सगंज से संबंधित है। वर्ष 2021 में लोढ़ी निवासी जितेन्द्र यादव, उसके पिता रामसजीवन और माता सुदामी देवी के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या (धारा 498ए, 304बी भादवि व 3/4 डीपी एक्ट) का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता से विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई। दहेज हत्या (304बी भादवि): तीनों दोषियों को 07-07 वर्ष का कठोर कारावास। दहेज उत्पीड़न (498ए भादवि): 03-03 वर्ष का कारावास और 10,000-10,000 रुपये का अर्थदंड। दहेज प्रतिषेध अधिनियम (3/4 डीपी एक्ट): 01-01 वर्ष का कारावास और 5,000-5,000 रुपये का अर्थदंड।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड न देने पर दोषियों को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, उनके द्वारा जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को सजा में शामिल (समायोजित) किया जाएगा।
पुलिस और अभियोजन की भूमिका
इस मामले में रॉबर्ट्सगंज पुलिस, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्तों को दोषसिद्ध कराना संभव हो सका। सोनभद्र पुलिस ने संदेश दिया है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

