चोपन में ट्रेन मैनेजरों का महाधिवेशन, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी

(ऋषभ सिंह)सोनभद्र : रेलवे के ट्रेन मैनेजरों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर सोनभद्र के चोपन में ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल यानी एआईजीसी के धनबाद मंडल का 22वां द्विवार्षिक महाधिवेशन आयोजित किया गया। अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित इस सम्मेलन में चोपन, सिंगरौली, रेणुकूट और शक्तिनगर शाखाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ट्रेन मैनेजर शामिल हुए। महाधिवेशन में ओपीएस की बहाली, रेलवे में निजीकरण पर रोक, ड्रेस अलाउंस में बढ़ोतरी, रिक्त पदों पर भर्ती समेत कुल 13 प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है।

चोपन स्थित अग्रवाल धर्मशाला रविवार को रेल कर्मचारियों की एकजुटता का गवाह बनी, जहां ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल के धनबाद मंडल का 22वां द्विवार्षिक महाधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चोपन, सिंगरौली, रेणुकूट और शक्तिनगर शाखा की ओर से संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें पूर्व मध्य रेलवे धनबाद मंडल के विभिन्न स्टेशनों से पहुंचे ट्रेन मैनेजरों और संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। महाधिवेशन के दौरान संगठन के नेताओं ने रेलवे कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और सरकार व रेलवे प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगों को मजबूती से रखा। सम्मेलन में सबसे प्रमुख मांग नई पेंशन योजना और यूनिफाइड पेंशन स्कीम को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस लागू करने की रही। इसके साथ ही रेलवे में निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
सम्मेलन में ड्रेस अलाउंस में उचित बढ़ोतरी, सभी ट्रेन मैनेजरों को एमएसीपी का लाभ, नौ घंटे से अधिक ड्यूटी पर रोक, सभी रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, रनिंग अलाउंस में 25 प्रतिशत वृद्धि, समय पर रेस्ट और साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने, ट्रेन मैनेजर का एंट्री लेवल पे लेवल-6 किए जाने तथा स्टेशन खंड में हैंड ब्रेक बांधने की बाध्यता समाप्त करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यही नहीं, मजदूर विरोधी बताए जा रहे लेबर कोड को समाप्त करने, ट्रेन मैनेजरों को निर्धारित प्रिपरेटरी रेस्ट दिए जाने तथा ट्रेन मैनेजरों के लिए 30 प्रतिशत पदों का रिजर्वेशन सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। महाधिवेशन में संगठन के केंद्रीय एवं मंडलीय पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती, एकता और अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों का सम्मान किया गया तथा भविष्य की रणनीति पर भी मंथन हुआ। सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि रेल कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।

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