7 साल पुराने एससी/एसटी एक्ट मामले में आया फैसला, दो दोषियों को जेल और जुर्माना

सोनभद्र। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना चोपन के वर्ष 2019 के एससी/एसटी एक्ट से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस की सशक्त विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के चलते विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट), सोनभद्र ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र के निर्देशन में यह कार्रवाई हुई। पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाना भी है।


2019 का मामला, अब मिली सजा


थाना चोपन पर दर्ज मु0अ0सं0-173/2019 में महेन्द्र केशरी और सुरेन्द्र केशरी के विरुद्ध धारा 323, 504, 506 भादवि तथा धारा 3(2)(Va) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान पुलिस ने मजबूत साक्ष्य और गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया।


न्यायालय ने सुनाई यह सजा


विशेष न्यायालय ने दोनों दोषियों को— धारा 323 भादवि सहपठित एससी/एसटी एक्ट में एक-एक वर्ष का कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड, धारा 504 भादवि में दो-दो वर्ष का कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड, धारा 506 भादवि सहपठित एससी/एसटी एक्ट में दो-दो वर्ष का कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।


पुलिस की प्रभावी पैरवी बनी सजा की वजह


पुलिस के अनुसार, थाना चोपन पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन अधिकारी की प्रभावी पैरवी, कोर्ट मोहर्रिर के समन्वय तथा जनपद मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी के चलते अदालत में अभियोजन पक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखने में सफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप दोनों अभियुक्तों को सजा सुनिश्चित हुई। अपराधियों को सजा दिलाने का अभियान रहेगा जारी सोनभद्र पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों के विरुद्ध साक्ष्य आधारित कार्रवाई, मजबूत विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने का अभियान आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।

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