सोनभद्र : रविवार की की रात्रि गरज तड़प के साथ आफत बनकर हुई बरसात से इलाके में भारी अफरा तफरी का माहौल सोमवार को देखने को मिला ऐसा लग रहा था मानो जैसे बादल फट गया है अचानक पानी का दबाव बढ़ने से कहीं पुल टूटे तो कही किसानों की फसल मिट्टी में दब कर बर्बाद हो गई वहीं रिहायसी इलाकों के घरों में भी पानी घुस गया तेज तड़क गरज से कितने घरों के कूलर पंखा फ्रिज आदि खराब हो गए वही डोडहर डूमरचुआ के लिए जाने वाली सड़क का पुलिया पानी के तेज बहाव में टूट कर बह जाने के कारण ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ गई हैं और छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को इस नाले में होकर स्कूल जाना पड़ रहा है
वही ग्रामीण देवशरण पाल ने बताया कि यही एक मात्र सड़क है जिससे इस क्षेत्र के लोगो का आवागमन होता है चाहे वो स्कूली बच्चे हो या प्लांट में काम करने वाले श्रमिक सभी लोग इसी रास्ते से गुजरते है रात्रि में लगभग 12 बजे हुई बरसात ने चारों तरफ तवाही मचा दी है यदि बरसात होती है तो इस क्षेत्र के लोगो को काफी दूरी तय कर रोजमर्रा के कार्यो को करना पड़ेगा
वही डोडहर प्रधान प्रतिनिधि राम भजन पाल ने बताया कि रात्रि में पानी का दबाव इतना तेज था कि हमारी बाउंड्री टूट गई और हमारे पड़ोस के बनारसी के घर मे पानी घुस गया जिससे काफी मात्रा में खाद्य सामग्री भीग गई और बर्तन वगैरह बहने लगे ,वही हुई मूसलाधार बारिश ने हर तरफ तवाही मचा दी है केवल हमारे ग्राम सभा मे बारिश होने से चार पुल बह गए जिससे आवागमन ठप हो गया हैवही ग्रामीण रामचंद्र गुप्ता ने बताया कि मोखना के टूटे पुल की शिकायत ग्रामीणों ने जनसुनवाई में और पीडब्ल्यूडी विभाग को कई बार किया लेकिन किसी जिम्मेदार ने गभीरता से नही लिया अगर समय रहते पुल की मरम्मत करा दी गई होती तो आज यह समस्या ग्रामीणों के सामने मुसीबत बन कर खड़ी नही होती ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे लापरवाह कर्मियों पर सख्त करवाई होनी चाहिए जिन्होंने शिकायत के बाद भी गंभीरता से नही लिया

