ओडिशा के विजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में देवास्मिता राउत द्वारा निर्मित प्रदर्श स्मार्ट व्हील चेयर मॉडल पर सम्मानित।

सरकारी यू. पी. स्कूल, गोविंदपुर, घुटुरु, केन्दुझर, ओडिशा के विजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में देवास्मिता राउत द्वारा निर्मित प्रदर्श स्मार्ट व्हील चेयर क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल में आयोजित उपर्युक्त प्रदर्शनी में देवास्मिता राउत द्वारा प्रदर्शित किया गया।
पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट अध्यक्ष सुशील कुमार जैन द्वारा प्रदर्श स्मार्ट व्हील चेयर के उत्कृष्ट मॉडल बाबत आपको ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया।

विजय कुमार मिश्रा और देवास्मिता राउत ने स्मार्ट व्हीलचेयर के बारे में विस्तार से समस्त नवीन अनुसंधान एवं जानकारियां प्रदान की।

आपने कहा कि आधुनिक युग विज्ञान का युग है । विज्ञान के विकास के साथ-साथ हमारी प्रगति भी हो रही है । मनुष्य ने चंद्रमा की सतह पर जाकर बसने का सपना देखरहा है । पल भर में हमें दूर की खबर पता चल जाती है । और यदि आवश्यक हो तो हम कम समय में दूर स्थित स्थान तक पहुंच सकते हैं ।

एक दिन मैं अपने पिता के साथ अस्पताल गयी थी । वहा पर एक घटना ने मेरे दिमाग को विचलित किया किया। एक बूढ़ा आदमी अस्पताल में बिस्तर पर लेटे हुए थे । उन्हें तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता थी । लेकिन उन्हें ले जाने के लिए तुरंत कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं था । इस कारण से उस आदमी की बिना किसी कारण से जान चली गई । और उसी समस्या का हल करने के लिए मैंने स्मार्ट व्हीलचेयर परियोजना पर कार्य करना शुरू किया ।

मेरे इस परियोजना को प्रस्तुत करते समय मेने परिवहन (transportation) के साथ संचार (communication) को जोड़ने का प्रयत्न किया है। Artificial Intelligence यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग किया है।

मेरा परियोजना स्मार्ट व्हीलचेयर को अस्पताल, घर पर, और रास्ते में जाने आने में ईस्तेमाल किया जा सकता है। इस को रोगी, विकलांग ब्यक्ति, वृध्द, साधारण ब्यक्ति इसका उपयोग कर सकते हैं। स्मार्ट व्हीलचेयर इस तरह से बनाया गया है कि इसको बेड, स्ट्रेचर, या फिर ट्रॉली के तरह ईस्तेमाल किया जा सकता है ।

चलिए देखते है मेरा यह परियोजना हम सब के केसे काम आयेगा ।

  1. सर्वप्रथम हम यह देखेंगे कि यह अस्पताल में किस तरह उपयोग में आ सकता है।
  • इसे हम अस्पताल में बेड ही अनुसार ईस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके दो तरह जो बेंच हैं उनको बेड के साथ जोड़ सकते हैं।
  • इसके ऊपर जो मच्छरदानी है उसको स्विच के माध्यम से ऊपर नीचे कर सकते है।
  • बेड के साथ सलाईन, blood stand, अलमारी, कॉलिंग बेल, मोबाइल चार्जर system, ऑक्सीजन का भी व्यवस्था किया है। बेड के ऊपर टॉयलेट का सुविधा किया है।
  • अगर जरूरत पडी तो इसे व्हीलचेयर या फिर स्ट्रेचर के जेसे ईस्तेमाल भी किया जा सकता है।
  • आइए देखते हैं किस प्रकार से यह मेरी स्मार्ट व्हीलचेयर काम करती है।
  • साधारण व्हीलचेयर पैडल के सहारे चलती है लेकिन यहां व्हीलचेयर मेने इसतरह प्रस्तुत किया है कि एक रोगी ब्यक्ति के लिए बेड, स्ट्रेचर के रूप मे भी उपयोग किया जा सकता है, इसको चलने के लिए मेने artificial intelligence या फिर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग किया गया है। मोबिल के वॉयस message मदद से “go” बोलने पर आगे के तरह, “back” बोलने se पीछे, “right” से दाहिनी ओर, aur “left” से बाईं तरफ के और जाएगा और “stop” बोलने se रुक जाएगा.
  1. दूसरे में यह एक विकलांग ब्यक्ति भी चला सकता है।
  • इसे जाने आने में एक विकलांग ब्यक्ति एक स्मार्ट व्हीलचेयर रूप मे ईस्तेमाल कर सकता है ।
  • जरूरत के समय voice message, text message, या फिर remote के द्वारा यहा चलाया जा सकता है।
  • इसको एक विकलांग ब्यक्ति ट्रॉली के तरह करके आपने व्यापार करने की कोशिश कर सकते हैं और फिर उसके बाद व्हीलचेयर में बदलके ईस्तेमाल कर सकते है।
  • जाने आने के समय मे यदि बारिश होजाती है उसके लिए भी मेने समाधान निकाला है। इस तरह के समस्या में इसके ऊपर एक प्लास्टिक cover हो जाएगा ।
  1. तीसरे में एक वृध्द ब्यक्ति व्हीलचेयर या बेड के तरह ईस्तेमाल कर सकता है।
  2. इसको किसान या साधारण ब्यक्ति भी ईस्तेमाल कर सकता है।

इसमे मेने GPS system का प्रयोग किया है। दूर किसी स्थान पर व्हीलचेयर होने से भी उसको track किया जा सकता है।
Auto signal :
इसमे इसरो system किया है कि रात मे अपने आप लाइट जलेगी और दिन मे आपने आप बंद हो जाएगी।
Red light alert system :
लाल बाती जलने से सिग्नल मिलेगा।
Auto stop system :
व्हीलचेयर के सामने जो कुछ भी आयेगा व्हीलचेयर आपने आप रुक जाएगा।
No remote no use :
इसमे मेने इसे system बनाय है कि अगर व्हीलचेयर चोरी हो भी जाता है कोई उसका ईस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

आज हम आपको यह बताना चाहते हैं कि यह परियोजना स्मार्ट व्हीलचेयर सिर्फ अस्पताल में काम नहीं ब्लकि बाहर साधारण ब्यक्ति, वृध्द ब्यक्ति, विकलांग ब्यक्ति आदि सभी आपने काम में ईस्तेमाल कर सकते हैं।
यह कम मूल्य में प्रस्तुत किया जा सकता है और बहुत अधिक कार्य में आ सकता है।
यह एक इसरो परियोजना है जो कमज़ोर समूह के सबसे ज्यादा काम आयेगा।
यह सबसे काम आ सकता है चाहे गरीब, आमिर या कोई भी और क्यूँ ना हो। यह कमज़ोर समूह परेसानी का हल है ।

स्मार्ट व्हीलचेयर का फ़ायदे :

  1. इसको बेड, स्ट्रेचर, फिर ट्रॉली, व्हीलचेयर के तरह ईस्तेमाल किया जा सकता है अस्पतालों में।
  2. इसको मोबाइल में voice message के द्वारा चलाया जा सकता है।
  3. विकलांग ब्यक्ति इसे व्हीलचेयर बना कर ईस्तेमाल कर सकते हैं।
  4. इसको ट्रॉली ही तरह ईस्तेमाल करके समान आना जाना किया जा सकता है।
  5. बारिस के समय मे ऑटो systemed cover का ईस्तेमाल करते हुए बारिश से बच सकता है।
  6. जरूरत के समय मे मच्छरदानी का ईस्तेमाल के स्विच के मदद से किया जा सकता है।
  7. शौचालय का भी ईस्तेमाल किया जा सकता है जब जरूरत पडे ।
  8. Remote ना होने से इसका ईस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
  9. GPS system का ईस्तेमाल किया गया है।
  10. रात होने पर आपने आप lights जाएंगी ।
  11. Red light alert – सतर्क होने का signal दे देता है।
  12. आगे कोई समान या कुछ आने से व्हीलचेयर आपने आप रुक जाएगा ।
  13. यहा cost effective है बहुत काम ख़र्चे में आगामी बनाया जा सकता है।
  14. यह सब के द्वारा मुस्किल या फिर कुछ भी समय मे ईस्तेमाल किया जा सकता है।
    पर्यावरण संस्कृति ट्रस्ट अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने समस्त जानकारी को सुनकर स्मार्ट व्हीलचेयर को आज के समय की मानवीय संवेदनाओं पर आधारित मांग बताया।

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