इको–फ्रेंडली सिटी मॉडल ने बटोरी सराहना, झोक दिपुलाना के विद्यार्थियों की अभिनव पहल

सरकारी हाई स्कूल झोक दिपुलाना, फ़ाज़िल्का के दो प्रतिभाशाली विद्यार्थी जसप्रीत कौर और रजनीश सिंह ने अपने गाइड टीचर शिवम विखाना के मार्गदर्शन में इको–फ्रेंडली सिटी नामक एक प्रेरणादायक एवं नवाचारी मॉडल तैयार किया है, जिसने पर्यावरण–सुरक्षा की दिशा में एक प्रभावी संदेश दिया है।

पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन द्वारा विद्यार्थी जसप्रीत कौर और रजनीश सिंह एवम गाइड टीचर शिवम विखाना को इको–फ्रेंडली सिटी मॉडल के उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत सम्मानित किया!

विद्यार्थियों द्वारा बनाया गया यह मॉडल एक ऐसे शहर की अवधारणा प्रस्तुत करता है जो ज़ीरो वेस्ट सिटी के सिद्धांत पर आधारित है। मॉडल में गीले–सूखे कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण, ई–वेस्ट का सुरक्षित पुनर्चक्रण, बायोगैस संयंत्र, अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन तथा फूलों के कचरे से बायो–एंज़ाइम जैसी तकनीकों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया है।
यह मॉडल दर्शाता है कि यदि कचरे का सही ढंग से प्रबंधन किया जाए तो वही कचरा ऊर्जा, खाद और उपयोगी संसाधनों में बदल सकता है।

इस मॉडल को बनाने की प्रेरणा विद्यार्थियों को अपने आसपास बढ़ते प्रदूषण और कचरा–प्रबंधन की समस्याओं को देखकर मिली। गाइड टीचर शिवम विखाना ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता फैलाने वाला मॉडल बनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाना केवल तकनीक पर नहीं, बल्कि हमारी जागरूकता और इच्छाशक्ति पर भी निर्भर करता है।

पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन एवं टीम से जुड़े सभी लोगों ने उम्मीद जताई है कि यह मॉडल भविष्य में बड़े स्तर पर भी प्रदर्शित होकर अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करेगा।

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