चाहे वह सड़क पर हो, पहाड़ों में हो, यात्रा में हो या किसी इमरजेंसी में।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज , विजय नगर,गाजियाबाद,उत्तर प्रदेश कि छात्रा काजल, एकता ने सहयोगी शिक्षिका मंजू के मार्गदर्शन में टूडेज डिजिटल टूल्स व्हिच कैन सॉल्व प्रोजेक्ट मॉडल विकसित किया !
पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने छात्रा काजल, एकता ने सहयोगी शिक्षिका मंजू के मार्गदर्शन में विकसित टूडेज डिजिटल टूल्स व्हिच कैन सॉल्व प्रोजेक्ट उत्कृष्ट मॉडल के प्रदर्शन बाबत आपको सम्मानित किया!
छात्रा काजल, एकता ने सहयोगी शिक्षिका मंजू ने बताया कि आज के डिजिटल टूल्स – जो कल की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं
जैसा कि हम सब जानते हैं, हमारे समाज में रोज़मर्रा की कई समस्याएँ होती हैं—चाहे वह रोड एक्सीडेंट हो, सुरक्षा से जुड़ी बातें हों, इमरजेंसी केस हों या अचानक आने वाली मुश्किलें।
इन सभी परिस्थितियों में हम अक्सर अकेले पड़ जाते हैं, और हमें नहीं पता होता कि उस समय हमारी मदद कौन करेगा।
हम इतनी व्यस्त जिंदगी में रहते हैं कि इन समस्याओं को नजरअंदाज़ कर देते हैं, और यही उपेक्षा कभी-कभी हमारे जीवन के लिए बड़ा खतरा बन जाती है।
हर जीवन अपने प्रियजनों के लिए अनमोल है, इसलिए इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करना सही नहीं।
इसी कारण हमने सड़क दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों को कम करने के लिए कुछ समाधान तैयार किए हैं।
- अल्कोहल सेंसर आधारित कार
इस कार का उद्देश्य जीवन की सुरक्षा और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना है।
मुख्य विशेषताएँ:
यदि कोई महिला अकेले सफर कर रही है, तो उसे यह डर नहीं रहेगा कि चालक नशे में है या नहीं।
कार में लगा अल्कोहल सेंसर ड्राइवर के नशे के स्तर का पता लगाता है।
यदि ड्राइवर नशे की हालत में गाड़ी चलाने की कोशिश करता है, तो बज़र बजकर उसे चेतावनी देगा।
चेतावनी के बावजूद भी यदि चालक नहीं रुकता, तो कार का हैंडल ऑटोमेटिक लॉक हो जाएगा।
यह पूरी प्रणाली Arduino आदि उपकरणों और कोडिंग की मदद से बनाई जा सकती है।
कार में GSM मॉड्यूल भी लगाया गया है, ताकि लोकेशन भेजने और इमरजेंसी कॉल करने में मदद मिल सके।
- मल्टी-फ़ंक्शनल कार
आजकल हम सभी एक-दूसरे की मेहनत और कठिनाई को समझते हैं।
इंटरसिटी ड्राइवर, कर्मचारी और कई लोग थकान और भारी काम के कारण सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।
मुख्य फीचर्स:
- ड्राउज़िनेस (नींद) डिटेक्शन
यदि ड्राइवर की आँखें 50% या उससे अधिक बंद हों, या वह बहुत ज्यादा जम्हाई ले रहा हो,
तो Raspberry Pi कैमरा के माध्यम से सिस्टम उसे अलर्ट करेगा।
- ऑटोमैटिक टर्निंग मोड
यदि ड्राइवर असामान्य स्थिति में हो या वाहन पर नियंत्रण खो दे, तो कार स्वयं सुरक्षित दिशा में मुड़ सकती है।
- ओवरस्पीड डिटेक्शन
यदि व्यक्ति निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाता है, तो बार-बार अलर्ट मिलेगा।
आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन फाइन सिस्टम भी जुड़ सकता है, जिसे ट्रैफिक अथॉरिटी नियंत्रित कर सकती है।
- बायोमेट्रिक कार अनलॉक
अगर चाबी भूल जाएँ, तो फिंगरप्रिंट से कार को अनलॉक किया जा सकता है।
- स्मार्ट डोर ओपनिंग बटन
केवल एक बटन से दरवाज़ा खुल जाएगा—यह खासकर अस्थमा, मेडिकल इमरजेंसी या लॉक्ड स्थिति में सहायक है।
- नाइट-ट्रैवल सेफ लाइटिंग
सेंसर की मदद से हेडलाइट की इंटेंसिटी और स्कैटरिंग कम की जाती है,
ताकि सामने से आने वाले वाहन की रोशनी टकराकर दृश्यता न घटे।
- पर्वतीय/हिल रोड सुरक्षा मॉडल
पहाड़ी रास्ते टेढ़े-मेढ़े और खतरनाक होते हैं। हमें कभी पता नहीं होता कि सामने से कौन आ रहा है।
मुख्य फीचर्स:
IR और LDR सेंसर
ट्रैफिक लाइट और डिजिटल बोर्ड पर दूसरी लेन से आने वाले वाहन की सूचना मिल सकेगी।
अल्ट्रासोनिक सेंसर रेलवे ट्रैक के पास लगाए गए हैं,
ताकि लोगों को ट्रेन की मूवमेंट की जानकारी मिले और दुर्घटनाएँ कम हों।
मॉइस्चर सेंसर इलाके की नमी और संभावित खतरे की जानकारी देता है।
- सामान्य हाईवे मॉडल
दैनिक सड़क पार करने की समस्याओं, ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया।
स्मार्ट ज़ेब्रा क्रॉसिंग
पास के पोल में बटन दबाते ही टाइमर के अनुसार क्रॉसिंग एक्टिव हो जाती है।
इमरजेंसी पोल
GSM से जुड़ा बटन, जिससे
नजदीकी पुलिस स्टेशन
अस्पताल
को त्वरित सूचना जा सके
और आसपास के लोगों को बज़र से सतर्क किया जा सके।
स्मार्ट ट्रैफिक लाइट सिस्टम
Arduino की मदद से लेन की वाहन संख्या के अनुसार
ग्रीन लाइट की टाइमिंग बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
एंबुलेंस के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट
ट्रैफिक में फँसी एंबुलेंस को तुरंत रास्ता देने के लिए
हाइड्रोलिक लिफ्ट लेयर बनाई गई है।
यह निर्धारित समय पर सक्रिय होगी ताकि आम लोग इसका दुरुपयोग न करें।
हाईवे विंड टर्बाइन
हाईवे की तेज हवा से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है।
पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि काजल, एकता ने सहयोगी शिक्षिका मंजू के मॉडल का मूल उद्देश्य हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है—चाहे वह सड़क पर हो, पहाड़ों में हो, यात्रा में हो या किसी इमरजेंसी में।

