तहसील दुद्धी एवं नगर पंचायत दुद्धी का मुआयना किया (जितेंद्र कुमार चन्द्रवंसी)दुद्धी सोनभद्र : अपर आयुक्त विंध्याचल मंडल मिर्जापुर राजकुमार द्विवेदी का बुधवार कों सायं आगमन पीडब्ल्यूडी गेस्ट उपरान्त तहसील परिसर दुद्धी हुआ। तहसील परिसर पहुंचने ही उप जिलाधिकारी न्यायालय में पत्रावलियों का अवलोकन उपरांत दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेमचंद यादव एवं सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्तागण पहुँचे। छः सूत्रीय मांग पत्र संयुक्त बार एसोसिएशन के नेतृत्व में जिसमें ( 1 ) आराजी नंबर मिनजुमला गाटा हैं जिसका सीमांकन फाट की कार्रवाई करने में परेशानी ( 2 ) राजस्व संहिता में कितने समय के अंदर सीमांकन कार्रवाई व फाट की कार्रवाई होनी चाहिए कों निर्धारित किया गया है किंतु समय का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ( 3 ) धारा 116 के तहत पारित आदेशों का अमल दरामद व कंप्यूटरीकृत खतौनी पर अनुपालन नहीं होने ( 4 ) कागजात के बाबत फाट की कार्रवाई करने हेतु जिलाधिकारी सोनभद्र के यहां धारा 30 ( 2 ) की कार्रवाई करने हेतु जिला मुख्यालय पर 80 किलोमीटर जाना पड़ रहा है। जिसके कारण मुकदमे की पैरवी नहीं हो पा रही. इस प्रकार के प्रकरण के निस्तारण हेतु अपर जिला अधिकारी महोदय सोनभद्र को तहसील मुख्यालय पर आकर सुनवाई हेतु आदेशित किया जाए।

(5) असंक्रमर्णीय भूमिधर का मियाद पूरा होने के बाद भी संक्रमरणीय भूमिधर नहीं किया जा रहा है। जिसे तत्काल प्रभाव से कराया जाए। ( 6 ) आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र तहसील दुद्धी है जिसमें सर्वें प्रक्रिया के दरमियान किसी के कब्जे कास्त की भूमि किसी अन्य के नाम कर दिया गया यह भूमि विवाद का मुख्य कारण है यहां के अधिकारियों जो मैदानी क्षेत्र के आते हैं और उसे बिना समझे नाम वाले को पुलिस बल से या धनपाल के आधार पर कब्जा दिला देते हैं इस प्रकार की गरीबों का जमीन लूट लिया जा रहा है जिसे रोका जाए। उक्त 6 सूत्रीय मांग पत्र पढ़कर दुद्धी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामपाल जौहरी एडवोकेट ने सुनाया। पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण पांडे एडवोकेट ने अंश निर्धारण में लेखपाल द्वारा लापरवाही की बात बताई गई जिससे कार्य में गतिशीलता नहीं आ पा रही। अपर आयुक्त ने कहा कि जुडिशल एवं एसडीएम के कोर्ट का सभी फाइलें सूचीबद्ध कर ली गई है। जिस पर विशेष गाइडलाइन जारी की जाएगी। देर शाम को नगर पंचायत दुद्धी कार्यालय में अपर आयुक्त विंध्याचल मंडल ने शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं के अनुपालन कड़ाई से किए जाने साथ ही नगर पंचायत एवं राजस्व विभाग में पत्रावली प्रशिक्षण में गड़बड़ी पाए जाने पर 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण उपरांत दण्डनात्मक करवाई की बात मीडिया को दिए बयान में कहा। नगर पंचायत एवं राजस्व विभाग में विभिन्न फाइल एवं रजिस्टरों का मूल्यांकन बारीक से किया गया।

