हवस के ‘बिजली मैकेनिक’ की सरेबाजार धुनाई: मासूम बहनों ने ‘गुड टच-बैड टच’ की शिक्षा मिलते ही खोली पोल, अनपरा में भारी आक्रोश

सोनभद्र (अनपरा): बच्चों की सुरक्षा को लेकर जहां एक ओर शासन-प्रशासन जागरूक है, वहीं कुछ दरिंदे मासूमों की मासूमियत को तार-तार करने से बाज नहीं आ रहे। ताजा मामला अनपरा थाना क्षेत्र का है, जहां दो सगी मासूम बहनों के साथ अश्लील हरकत करने वाले एक बिजली मैकेनिक की करतूत उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा और करीब एक किलोमीटर तक बाजार में घुमाते हुए उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाकर थाने ले गए।

ट्यूशन में मिली शिक्षा ने बचाई मासूमियत

मिली जानकारी के अनुसार, अनपरा के एक मोहल्ले में रहने वाला बिजली मैकेनिक फैज अली अक्सर एक घर में काम के बहाने आता-जाता था। वहां वह 9 और 7 वर्ष की दो मासूम बहनों के साथ खेलने के बहाने अश्लील हरकतें करता था। सोमवार को जब दोनों बच्चियां ट्यूशन गईं, तो वहां शिक्षिका ने उन्हें ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में विस्तार से समझाया। शिक्षा मिलते ही बड़ी बहन ने हिम्मत जुटाई और शिक्षिका को बताया कि घर आने वाला ‘अंकल’ उनके साथ गलत तरीके से छूता है। छोटी बहन ने भी इसी तरह की आपबीती सुनाई। शिक्षिका ने तुरंत इसकी जानकारी परिजनों को दी।

सरेबाजार हुई आरोपी की ‘हिसाब-किताब’

बेटियों की बात सुनकर परिजन स्तब्ध रह गए। गुस्साए परिजन और मोहल्ले के लोग तुरंत आरोपी की दुकान पर पहुंचे और उसे दबोच लिया। भीड़ का गुस्सा इस कदर था कि आरोपी को लात-घूंसों और जूते-चप्पलों से बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद लोग उसे पीटते हुए करीब एक किलोमीटर तक बाजार में घुमाकर अनपरा थाने ले गए और पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा

सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थिति को संभाला और आरोपी फैज अली को हिरासत में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।

थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने बताया कि: “पीड़ित बच्चियों के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी फैज अली के खिलाफ संबंधित धाराओं (पॉक्सो एक्ट सहित) में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह मामला एक बड़ी सीख है कि बच्चों को कम उम्र में ही ‘गुड टच और बैड टच’ के बारे में शिक्षित करना कितना अनिवार्य है।

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