सोनभद्र सब कुछ देता है, लेकिन अच्छा अस्पताल नहीं पाता!
BHU स्तर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग को लेकर ग्राम पंचायत कोटा में चला हस्ताक्षर अभियान
कोटा (ऋषभ सिंह)सोनभद्र : की धरती पूरे उत्तर प्रदेश को बिजली देती है, देश के विकास के लिए कोयला देती है, निर्माण कार्यों के लिए बालू, पत्थर, एल्यूमिनियम और सीमेंट देती है। प्रदेश के राजस्व में भी सोनभद्र की महत्वपूर्ण भागीदारी है, लेकिन विडंबना यह है कि जिस जिले के संसाधनों से प्रदेश समृद्ध हो रहा है, उसी जिले का गरीब आज भी बेहतर इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
इसी पीड़ा और अन्याय के खिलाफ राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट द्वारा रॉबर्ट्सगंज विधानसभा के ग्राम पंचायत कोटा में BHU स्तर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा कोन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आनन्द पटेल दयालु ने किया।
इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए श्री आनन्द पटेल दयालु ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि सोनभद्र के गरीब, मजदूर, किसान और आम जनता के जीवन और अधिकार की लड़ाई है।
उन्होंने कहा,
“जब तक सोनभद्र के अंतिम पंक्ति में बैठे हुए व्यक्ति को न्याय नहीं दिला देते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने कहा कि सोनभद्र प्रदेश को बिजली देता है, बालू देता है, पत्थर देता है, कोयला देता है, एल्यूमिनियम देता है, सीमेंट देता है और सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिलों में शामिल है, लेकिन यहां के लोगों को अच्छा अस्पताल और पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलते। कोन क्षेत्र के लोगों को सामान्य इलाज के लिए भी लगभग 70 किलोमीटर दूर रॉबर्ट्सगंज जाना पड़ता है। यदि मरीज की स्थिति गंभीर हो जाए तो लगभग 160 किलोमीटर दूर वाराणसी जाना पड़ता है, जहां घंटों लाइन में लगने के बाद भी समय पर इलाज और बेड मिलना सुनिश्चित नहीं होता।
उन्होंने कहा कि कई गरीब परिवार आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में अपने परिजनों को खो देते हैं। यह स्थिति किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है। इसलिए सोनभद्र को उसके अधिकार के अनुरूप आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।
राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष जनाब महताब आलम ने कहा कि सोनभद्र प्रदेश को भारी राजस्व देने वाला जिला होने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अत्यंत पिछड़ा हुआ है। जिले में दो अनुसूचित जनजाति आरक्षित विधानसभा क्षेत्र हैं और यहां का बड़ा वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर है।
उन्होंने कहा कि शक्तिनगर सहित दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण लोगों की जान तक चली जाती है। ऐसे में सोनभद्र में BHU स्तर का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और सभी प्रमुख विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
हस्ताक्षर अभियान में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने अपने हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर दर्ज कर इस जनआंदोलन को समर्थन दिया तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को मजबूती प्रदान की।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री चंद्रशेखर सिंह पटेल, श्री विकास कुमार गौड़ (प्रदेश सचिव), डॉ. प्रभाकर सिंह, श्री रविंद्र कुमार शर्मा (जिला संगठन मंत्री), श्री उमाशंकर शर्मा, श्री अयोध्या प्रसाद, श्री अमरेश सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि सोनभद्र के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिले को उसका अधिकार दिलाने के लिए यह जनआंदोलन लगातार जारी रहेगा। सोनभद्र को उसका अधिकार दो — BHU स्तर का अस्पताल दो।”अस्पताल हमारा अधिकार है, संघर्ष हमारा संकल्प है।”

