(जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी)सोनभद्र/दुद्धी। सरकारी चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर प्रयागराज (इलाहाबाद) में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई सरकारी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहां ऐसे मामलों में कई चिकित्सकों के निलंबन की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
वहीं दूसरी ओर सोनभद्र जनपद के दुद्धी क्षेत्र में कुछ सरकारी चिकित्सकों पर सरकारी सेवा के दौरान निजी प्रैक्टिस करने के आरोप लगातार चर्चा में हैं। आरोप है कि कुछ चिकित्सक अपने सरकारी अथवा निजी आवास के बरामदे को क्लिनिक का रूप देकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। साथ ही मरीजों को कथित रूप से चिन्हित डायग्नोस्टिक सेंटरों और मेडिकल स्टोरों पर जांच व दवा के लिए भेजा जाता है, जहां से कमीशन मिलने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
हाल ही में इस संबंध में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामले की जांच और कार्रवाई की मांग उठी थी। हालांकि अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां अन्य जनपदों में ऐसे मामलों पर त्वरित निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जा रही है, वहीं सोनभद्र में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इससे संबंधित चिकित्सकों के हौसले बढ़ने की बात भी कही जा रही है। सूत्रों की माने तो जनपद सोनभद्र का तहसील मुख्यालय दुद्धी आदिवासी बाहुल्य होने के नाते सिंडिकेट के प्रभाव के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

