गंभीर मामलों में घिरे अधिवक्ताओं की तीन दिन में मांगी गई जानकारी, हाईकोर्ट के आदेश पर बार एसोसिएशन सक्रिय

जितेंद्र कुमार चन्द्रवंशी

दुद्धी, सोनभद्र। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की सभी संबद्ध बार एसोसिएशनों से उन अधिवक्ताओं का विवरण मांगा है, जिनके विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है अथवा जिनके मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस संबंध में दुद्धी बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन ने प्रभावित अधिवक्ताओं को तीन दिन के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे तथा सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलोचन तिवारी की ओर से जारी संयुक्त सूचना में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी बार एसोसिएशनों से ऐसे अधिवक्ताओं की सूची 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए संबंधित अधिवक्ताओं से तीन दिन के अंदर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
सूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अधिवक्ता के विरुद्ध गंभीर अपराध से संबंधित एफआईआर दर्ज है, वह चार्जशीटेड है या उसके खिलाफ मुकदमा विचाराधीन है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर इसकी जानकारी बार एसोसिएशन को उपलब्ध कराए। समय पर सूचना नहीं देने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिवक्ता की होगी।
बार एसोसिएशन ने यह भी बताया कि उच्च न्यायालय और बार काउंसिल के आदेशों की अवहेलना होने पर संबंधित बार एसोसिएशन का संबद्धीकरण निरस्त किया जा सकता है। साथ ही, ऐसे बार एसोसिएशन के सदस्यों को बार काउंसिल द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा तथा इसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी।
बार एसोसिएशन ने भरोसा दिलाया है कि प्राप्त सभी जानकारियों को पूर्ण गोपनीयता के साथ संकलित कर नियमानुसार बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा। प्रभावित अधिवक्ताओं से निर्धारित तीन दिन की अवधि के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील की गई है।

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