दुद्धी (सोनभद्र)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को दुद्धी कस्बे की डीसीएफ कॉलोनी स्थित गोंडवाना भवन परिसर में आदिवासी समाज की ओर से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पूर्व समाज के लोगों ने नगर में जुलूस निकालकर अपनी मांगों और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। जुलूस में भावी प्रत्याशी नीरेंद्र प्रताप सिंह गौड़ प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जुलूस नगर भ्रमण करते हुए दुद्धी तहसील पहुंचा, जहां प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार अंजनी गुप्ता को महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सोनभद्र के आदिवासी समुदाय से जुड़ी विभिन्न संवैधानिक, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मांगें उठाई गईं।
प्रतिनिधिमंडल ने सोनभद्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत शामिल करने तथा जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति घटक (एसटीसी) की राशि के शत-प्रतिशत उपयोग और पिछले वर्ष के बजटीय उपयोग की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी ज्ञापन में की गई।
वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत लंबित व्यक्तिगत एवं सामूहिक दावों के शीघ्र निस्तारण, भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था, स्थानीय जनजातीय भाषाओं में शिक्षा, अधिक माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना तथा आदिवासी विश्वविद्यालय खोलने की मांग रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने सोनभद्र में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना, जैविक एवं जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने, औद्योगिक परियोजनाओं में विस्थापन पर रोक, स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता तथा सीएसआर बजट के पारदर्शी उपयोग की मांग भी उठाई। अवैध खनन और प्रदूषण के मामलों की प्रभावी समीक्षा की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके साथ ही आदिवासी संस्कृति एवं महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क, 24 घंटे बिजली, पक्की सड़क और सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर नीरेंद्र प्रताप सिंह गौड़, समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव, सपा विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव, मानसिंह, सुनील गोड़, फूलवती गोड़, कमलेश कुमार, रामनारायण बभनी, नंदू कुमार बभनी, अयोध्या, राजेंद्र सिंह, बीगन राम गोड़ बघाडू, रामअजौर सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट—जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, ब्यूरो चीफ सोनभद्र

