कुसुम्हा-लखनवार मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों से परेशानी, विवेक सिंह पटेल ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
राबर्ट्सगंज/सोनभद्र। कुसुम्हा से लखनवार के बीच जर्जर सड़क को लेकर रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से बदहाल मार्ग की मरम्मत और निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का जल्द निर्माण कराकर आवागमन की समस्या दूर करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, समाजवादी लोहिया वाहिनी के विवेक सिंह पटेल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुसुम्हा से लखनवार के बीच की सड़क लंबे समय से बदहाल है। जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण राहगीरों, किसानों, विद्यार्थियों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क निर्माण को लेकर जमकर नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की और संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि खराब सड़क के कारण आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
विवेक सिंह पटेल ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी मूलभूत जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू नहीं कराया गया तो जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अनशन भी किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
प्रदर्शन में प्रयाग सिंह, शिवकुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, विनोद मौर्या, राम सिंह, कृपाशंकर सिंह, महेंद्र सिंह, छेवनाथ सिंह, राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, जगदीश लाल, राजकुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, सुभाष सिंह, हरिशंकर सिंह, राम मनी सिंह, रामप्रवेश सिंह, संदीप कुमार सिंह, आयुष कुमार, समश कुमार सिंह, सरजू सिंह, बुद्धिनाथ सिंह, अनिल कुमार सिंह, दिनानाथ चौधरी, हिरामन सिंह, मुन्ना सिंह, रमेश सिंह, मुनू पाठक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

