सोनभद्र : के आखिरी विधानसभा क्षेत्र दुद्धी में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। मुडिसेमर गांव की हरिजन बस्ती और कुशवाहा बस्ती से झारखंड बॉर्डर तक करीब दो किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील है। नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए और जल्द सड़क निर्माण की मांग की है। खास बात यह है कि दुद्धी विधानसभा सीट फिलहाल रिक्त है। वर्ष 2022 में यहां से सपा के विजय सिंह गौड़ ने जीत दर्ज की थी, लेकिन उनके निधन के बाद सीट खाली है।मामला दुद्धी विधानसभा क्षेत्र के मुडिसेमर गांव का है, जहां हरिजन बस्ती और कुशवाहा बस्ती से झारखंड बॉर्डर तक जाने वाली करीब दो किलोमीटर सड़क लंबे समय से बदहाल है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब दस वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है और अब पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में गड्ढों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों के लिए आवागमन मुश्किल हो जाता है और हादसे का खतरा बना रहता है।
सड़क की बदहाली से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने रमेश चंद्र एडवोकेट के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाते हुए तत्काल सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
दुद्धी विधानसभा की राजनीतिक स्थिति भी इस समय खास है। वर्ष 2022 में सपा के विजय सिंह गौड़ ने दुद्धी सीट पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले वर्ष 2017 में भाजपा के सहयोगी दल अपना दल एस के हरिराम चेरो यहां से विधायक चुने गए थे। विजय सिंह गौड़ के निधन के बाद मौजूदा समय में दुद्धी विधानसभा सीट रिक्त है। ऐसे में ग्रामीणों का रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा सड़क की बदहाली और क्षेत्रीय विकास के मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यह गांव भाजपा का खास वोटर वाला है और बावजूद इसके हमारी सुनने वाला कोई नेता जनप्रतिनिधि नहीं है।

