हिमालय जिसका मुकुट बना, सागर जिसके चरण,
वीरों की धरती भारत मां, सबसे पावन धाम।
गंगा की निर्मल धारा बोले, प्रेम का संदेश,
कण-कण में बसता है अपना, प्यारा भारत देश।
जाति-धर्म से ऊपर उठकर, एकता का दीप जलाएं,
मिलकर भारत को दुनिया में, सबसे आगे ले जाएं।
मेहनत, साहस, सत्य के पथ पर, बढ़ते रहें महान,
जन-जन की आवाज यही है—मेरा भारत महान।
डाक्टर सुजीत कुमार यादव– आशीर्वाद हास्पिटल नौगढ़ चंदौली

