महुली के सरकारी विद्यालय में बदहाल व्यवस्थाओं से खुली पोल

गंदे शौचालय, बंद पंखे, टूटा बोर्ड और पेयजल स्थल पर टोटी तक नहीं; स्मार्ट क्लास भी सवालों के घेरे में

(जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी)दुद्धी/महुली, सोनभद्र। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है, लेकिन दुद्धी तहसील क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय महुली में 20 अगस्त को मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण में विद्यालय के शौचालय, पंखे, बोर्ड, पेयजल व्यवस्था और स्मार्ट क्लास सहित कई बिंदुओं पर खामियां सामने आने की बात कही गई।


गंदे मिले शौचालय, बंद थे पंखे


निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। वहीं कई कक्षाओं में पंखे बंद मिले। एक कक्षा में लगा लाइन वाला बोर्ड भी टूटा हुआ बताया गया। गर्मी और उमस के बीच पंखों के बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति सामने आई।


पेयजल स्थल पर टोटी तक नहीं


विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए बनाए गए पेयजल स्थल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। बताया गया कि वहां पानी की टोटी तक उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में बच्चों को सुगम और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।


स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी सवालों में


आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में स्मार्ट क्लास को महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है, लेकिन निरीक्षण के दौरान इसकी स्थिति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं बताई गई। विद्यालय में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का समुचित उपयोग न होने पर बच्चों को मिलने वाले शैक्षणिक लाभ पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


प्रधानाध्यापक ने जल्द सुधार का दिया भरोसा


विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेश गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को शीघ्र दूर कराने का भरोसा दिया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत और साफ-सफाई का कार्य जल्द कराने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।


कार्रवाई को लेकर क्षेत्रवासियों में उम्मीद


निरीक्षण में सामने आई खामियों के बाद अब संबंधित स्तर से होने वाली कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त पेयजल, सुचारु पंखे, सुरक्षित कक्षाएं और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और विद्यालय की व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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