सस्ते लैपटॉप का झांसा, फिर अश्लील वीडियो की धमकी! साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार

सोनभद्र : जिले के बीजपुर थाना क्षेत्र में युवक की आत्महत्या से जुड़े साइबर अपराध के मामले में 25 हजार रुपये के इनामिया वांछित आरोपी को बभनी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का फर्जी विज्ञापन देकर युवक को अपने जाल में फंसाया और टैक्स व प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम ऐंठी।

इसके बाद लिंक भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल किया और कथित तौर पर निजी डाटा लेकर AI से अश्लील वीडियो तैयार कर परिजनों व रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी। पुलिस का दावा है कि इसी मानसिक दबाव के चलते युवक ने आत्महत्या कर ली। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से मोबाइल, सिमकार्ड और 1,050 रुपये बरामद हुए हैं।

सोनभद्र पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में एक अहम सफलता सामने आई है। थाना बीजपुर में दर्ज मुकदमे में वांछित 25 हजार रुपये के इनामिया आरोपी वारिस खान को बभनी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है।

दरअसल, 5 जून 2026 को बीजपुर थाना क्षेत्र के मेमना गांव निवासी प्रवेश कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान सामने आया कि प्रवेश को एक अज्ञात नंबर से लगातार कॉल आ रही थी। साइबर सेल ने मृतक के मोबाइल और बैंक खातों का विश्लेषण किया तो कॉल और धनराशि के लेनदेन का कनेक्शन राजस्थान के अलवर से सामने आया।

जांच में आरोपी की पहचान वारिस खान के रूप में हुई। पुलिस टीम ने राजस्थान पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से मोबाइल फोन, संबंधित सिमकार्ड और 1,050 रुपये नगद बरामद हुए। पुलिस के अनुसार मोबाइल में ठगी की रकम से जुड़े साक्ष्य और MobiKwik Wallet में संबंधित धनराशि प्राप्त होने की जानकारी मिली।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर सस्ते लैपटॉप का फर्जी विज्ञापन देकर प्रवेश को अपने जाल में फंसाने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक सामान भेजने, टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम लेने के बाद लिंक के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल किया गया और निजी डाटा का इस्तेमाल कर AI से अश्लील वीडियो बनाने तथा उसे रिश्तेदारों और परिचितों को भेजने की धमकी दी गई।

पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी कर चुका है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेजा जा रहा है।

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