ओबरा-चोपन में प्रशासन का बड़ा एक्शन, स्टॉक और अभिलेखों का किया गया मिलान
हर शुक्रवार पोर्टल पर स्टॉक घोषित करना अनिवार्य, गड़बड़ी मिली तो होगी कठोर कार्रवाई
सोनभद्र, । बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को उपजिलाधिकारी ओबरा ने ओबरा और चोपन क्षेत्र में चीनी स्टॉकिस्टों के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का औचक निरीक्षण कर स्टॉक की स्थिति जांची।
प्रशासनिक टीम ने ओबरा के बालाजी ट्रेडर्स तथा चोपन के अनूप ट्रेडर्स और मोहित ट्रेडर्स के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर गोदामों में रखी चीनी की वास्तविक मात्रा का सत्यापन किया। अधिकारियों ने उपलब्ध स्टॉक का मिलान संबंधित अभिलेखों से किया और स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की।
हर शुक्रवार स्टॉक की देनी होगी जानकारी
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भारत सरकार की निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रत्येक शुक्रवार पोर्टल पर चीनी के उपलब्ध स्टॉक की घोषणा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने अथवा अधिक मुनाफे के लिए चीनी का अनावश्यक भंडारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जमाखोरी मिली तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्टॉकिस्टों को साफ चेतावनी दी कि यदि जांच में जमाखोरी, स्टॉक छिपाने, अभिलेखों में गड़बड़ी या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से चीनी कारोबारियों में हलचल बढ़ गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि चीनी की कीमत और बाजार में उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जाएगी तथा आने वाले दिनों में भी स्टॉकिस्टों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहेगी।

