सोनभद्र में आरटीई के तहत 1730 वंचित बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

योगी सरकार में पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी पहुंच

निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में 7.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही सरकार

सोनभद्र। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार की पहल का सोनभद्र में सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले में वर्तमान में 1730 वंचित बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आरटीई के तहत पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बनाया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए अच्छे निजी विद्यालयों में शिक्षा हासिल करने के अवसर तेजी से बढ़े और वर्तमान में 1730 वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी की पारदर्शी व्यवस्था ने पात्र बच्चों को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा का अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार की इस व्यवस्था से उन परिवारों को सबसे अधिक राहत मिली है, जो आर्थिक कारणों से अपने बच्चों को बेहतर निजी विद्यालयों में पढ़ाने में सक्षम नहीं थे। आरटीई के माध्यम से ऐसे बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का अवसर मिलने से उनके भविष्य को नई दिशा मिल रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वंचित बच्चों की शिक्षा का खर्च सरकार स्वयं वहन कर रही है। इसके तहत सोनभद्र में निजी विद्यालयों को आरटीई के अंतर्गत पढ़ रहे बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति के रूप में हर साल करीब 7.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इससे जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, वहीं निजी विद्यालयों को भी सरकार की ओर से निर्धारित प्रतिपूर्ति प्राप्त हो रही है। योगी सरकार की इस पहल को सामाजिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक असमानता को कम करने और गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार के प्रयास प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

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